
अंबिकापुर /सरगुजा: छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शिक्षक दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक – साइबर शिक्षा से ही साइबर सुरक्षा’ की थीम पर आधारित इस अभियान का संचालन डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में किया गया।
ब्लैकबोर्ड पर लिखे गए सुरक्षा के पाठ
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरगुजा जिले के समस्त थाना व चौकी की पुलिस टीमों ने विभिन्न स्कूलों का रुख किया। इसके साथ ही पुलिस टीम ने शिक्षकों के घरों पर दस्तक देकर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ा। अधिकारियों ने कक्षाओं में स्वयं ब्लैकबोर्ड पर साइबर अपराधों के प्रकार और उनसे बचाव के तरीके लिखकर बच्चों को सहज और व्यावहारिक भाषा में समझाए। इस मुहिम के जरिए लगभग 2,000 से अधिक विद्यार्थियों को सीधे तौर पर जागरूक किया गया।
इन 5 प्रमुख साइबर खतरों के प्रति किया गया सतर्क
पुलिस टीमों द्वारा छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को दैनिक जीवन में होने वाले मुख्य साइबर अपराधों और उनके बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई:
ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड: फ्री फायर या बीजीएमआई जैसे गेम्स में मुफ्त कॉइन्स, स्किन्स या करैक्टर के लालच में आकर माता-पिता के बैंक खाते की जानकारी साझा न करें। गेमिंग चैट रूम्स में अजनबियों से दूरी बनाए रखें।
सोशल मीडिया व प्रोफाइल क्लोनिंग: सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। अपनी प्रोफाइल को हमेशा ‘प्राइवेट’ मोड पर रखें और अजनबियों के साथ वीडियो कॉल से बचें।
फिशिंग और फर्जी लिंक्स: व्हाट्सएप या एसएमएस पर मिलने वाले लुभावने ऑफर्स, स्कॉलरशिप या मुफ्त उपहारों के संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
साइबर ग्रूमिंग व बुलिंग: ऑनलाइन किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने या ब्लैकमेल करने की कोशिश होने पर घबराएं नहीं। मामले को छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं और मैसेज का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
ओटीपी व पासवर्ड फ्रॉड: किसी भी स्थिति में बैंक कर्मचारी या अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति के साथ अपने फोन पर आया OTP या पासवर्ड साझा न करें।
घर-घर साइबर शिक्षा पहुंचाने की अपील
डीआईजी राजेश अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं को सुरक्षित रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अज्ञानता ही साइबर अपराधों का मूल कारण है, इसलिए यदि बच्चे स्कूल स्तर से ही सतर्क रहेंगे, तो समाज को ठगी से बचाया जा सकता है। पुलिस ने बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों में माता-पिता और बुजुर्गों के लिए भी ‘साइबर शिक्षक’ की भूमिका निभाएं।
साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत वित्तीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।