भैयाथान/सूरजपुर : सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत आम जनता से शासकीय दस्तावेज छिपाना ग्राम पंचायत भंवराही के जनसूचना अधिकारी सह सचिव को भारी पड़ता नजर आ रहा है। प्रथम अपील की सुनवाई करते हुए जनपद पंचायत भैयाथान के प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) ने कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि चाही गई संपूर्ण जानकारी शासन के नियमानुसार तत्काल निःशुल्क (Free of Cost) उपलब्ध कराई जाए।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के कड़े कानूनी प्रावधान:
धारा 7(6) – निःशुल्क जानकारी का अधिकार: निर्धारित 30 दिनों में जानकारी न देने पर आवेदक को पूरी जानकारी 100% निःशुल्क देने का बाध्यकारी नियम है।
धारा 19(3) – राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील: यदि अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी सचिव जानकारी देने में टालमटोल करता है, तो आवेदक सीधे राज्य सूचना आयोग (रायपुर) का दरवाजा खटखटा सकता है।
समय पर जानकारी न देकर कानून का उल्लंघन करने का आरोप
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, आवेदक द्वारा 2 मई 2026 को ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल के माध्यम से धारा 19(1) के तहत आवेदन पत्र प्रस्तुत कर (ऑनलाइन आईडी: 320260502000875) ग्राम पंचायत भंवराही के शासकीय कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए थे। कानूनन 30 दिनों के भीतर जानकारी देना अनिवार्य था, परंतु पंचायत सचिव द्वारा जानकारी दबाकर रखी गई। इसके बाद आवेदक ने जनपद पंचायत भैयाथान में प्रथम अपील दायर कर शासकीय व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया।
दो समन के बाद हुई सुनवाई, सचिव का बहाना हुआ खारिज
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपीलीय अधिकारी ने दो पत्र जारी किए—पत्र क्रमांक 550 (दिनांक 25.05.2026) एवं पत्र क्रमांक 1362 (दिनांक 23.06.2026)। 30 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित प्रत्यक्ष सुनवाई में जब अपीलीय अधिकारी ने सचिव से जवाब मांगा, तो सचिव ने तर्क दिया कि—
“पोर्टल ऑनलाइन होने तथा शासकीय कार्यों की व्यस्तता के कारण वे आवेदन पत्र समय पर नहीं देख सके।”
अपीलीय अधिकारी ने इस गैर-जिम्मेदाराना तर्क को सिरे से खारिज कर दिया।
अल्टीमेटम: आदेश की अनदेखी पर होगी सीधी विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई
दंडात्मक प्रावधान: प्रथम अपीलीय अधिकारी के इस स्पष्ट आदेश के बाद भी यदि जनसूचना अधिकारी/सचिव द्वारा जानकारी देने में विलंब या आनाकानी की जाती है, तो मामला राज्य सूचना आयोग (रायपुर) जाएगा। कानून के अनुसार जानबूझकर जानकारी रोकने या विलंब करने पर सचिव के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Inquiry), कड़ा दंडात्मक आदेश और सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि (Service Book Red Entry) का कठोर प्रावधान है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
प्रथम अपीलीय अधिकारी ने जनसूचना अधिकारी एवं सचिव ग्राम पंचायत भंवराही को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे आवेदक को उनके द्वारा चाही गई संपूर्ण शासकीय जानकारी शासन के नियमानुसार बिना किसी विलंब और बिना किसी शुल्क के त्वरित प्रदान करना सुनिश्चित करें। अपीलीय अधिकारी के इस सख्त और अंतिम आदेश के बाद अब ग्राम पंचायत सचिव को हर हाल में तत्काल समस्त चाही गई जानकारी उपलब्ध करानी ही होगी, अन्यथा प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई होना तय है।