भैयाथान /सूरजपुर : सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत नागरिकों को समय पर पारदर्शी जानकारी देने के कानूनी प्रावधानों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्राम पंचायत पोडी के जनसूचना अधिकारी (सचिव) द्वारा RTI अधिनियम की धारा 7(1) के तहत निर्धारित समय-सीमा में जानकारी न देना और अब प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश की अवहेलना करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
आवेदक ने 14 मई 2026 को धारा 6(1) के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत पोडी से संबंधित आवश्यक सूचनाएं मांगी थीं (RTI आवेदन ID क्रमांक 320260514004960)। तय समय-सीमा के भीतर जानकारी न मिलने पर धारा 19(1) के तहत जनपद पंचायत भैयाथान के प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) के समक्ष प्रथम अपील (प्रकरण क्रमांक 120/2026) प्रस्तुत की गई।
प्रकरण की सुनवाई 30 जून 2026 को हुई, जिसमें जनसूचना अधिकारी/सचिव पोडी ने स्वीकार किया कि शासकीय व्यस्तता और पोर्टल न देख पाने के कारण वे समय पर जानकारी प्रदान नहीं कर सके। इस पर प्रथम अपीलीय अधिकारी (CEO) ने 30 जून 2026 को ही आदेश पत्र जारी करते हुए जनसूचना अधिकारी को कड़ा निर्देश दिया कि वे धारा 7(6) के नियमानुसार आवेदक को चाही गई संपूर्ण जानकारी निःशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
आदेश दरकिनार, नियमों का बनाया जा रहा बहाना
आदेश जारी हुए लंबा समय बीत जाने के बाद भी जनसूचना अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जब जनपद कार्यालय के कर्मचारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने आदेश पत्र में स्पष्ट समय-सीमा न लिखे होने का हवाला देते हुए मामले को टाल दिया। जबकि कानूनी रूप से अपीलीय आदेश का पालन तत्काल या अधिकतम 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होता है।
वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
शासकीय अधिकारियों द्वारा अपने ही वरिष्ठ (जनपद CEO) के आदेशों की इस प्रकार अवहेलना करना कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। इस मामले में जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए ताकि प्रथम अपीलीय आदेश का सख्ती से पालन हो और आवेदक को जल्द से जल्द नि:शुल्क जानकारी प्रदान की जा सके।