कुसमी : औद्योगिक क्षेत्र में पिछले लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। हिंडालको और जीएनसी (GNC) कंपनी के साथ ट्रक मालिकों के बकाया भुगतान और परिवहन व्यवस्था को लेकर बना गतिरोध दोनों पक्षों के बीच हुई समझौते की बैठक के बाद खत्म हो गया है। मांगें पूरी होने पर ट्रक मालिक संघ ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
भुगतान और परिवहन की नई व्यवस्था पर बनी सहमति
कंपनी प्रबंधन और ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों के बीच आयोजित विशेष बैठक में विवाद से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की है:
समय पर बकाया भुगतान: ट्रकों के बकाए किराए और नियमित भुगतान की समय-सारिणी (टाइमिंग) को लेकर दोनों पक्षों के बीच स्पष्ट सहमति बनी है, जिससे भविष्य में आर्थिक किल्लत की स्थिति न बने।
लाइन व्यवस्था में सुधार: परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ट्रकों की कतार (लाइन व्यवस्था) में 30 गाड़ियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
हॉल्टिंग चार्ज की व्यवस्था: यदि कंपनी के पास डीजल उपलब्ध नहीं होता है और इस वजह से ट्रकों को खड़े रहना पड़ता है, तो जीएनसी कंपनी ट्रक मालिकों को ‘हॉल्टिंग चार्ज’ (रुकने का मुआवजा) का भुगतान करेगी।
कंपनी ने दिया लिखित आश्वासन
ट्रक मालिकों के अनुसार, केवल जुबानी वादों पर निर्भर न रहकर जीएनसी और हिंडालको कंपनी प्रबंधन ने संघ की सभी प्रमुख मांगों पर एक लिखित सहमति पत्र सौंपा है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि लंबे समय से जारी इस हड़ताल के कारण पूरे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। हालांकि, लिखित सहमति पत्र मिलने के बाद संघ ने जनहित और उद्योग हित को ध्यान में रखते हुए काम पर लौटने का फैसला किया है।
निर्बाध परिवहन की उम्मीद
हड़ताल खत्म होने के बाद ट्रक मालिक संघ ने आशा जताई है कि कंपनी प्रशासन अपने लिखित समझौते और शर्तों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा। संघ का कहना है कि यदि तय समय पर भुगतान होता रहा और डीजल आपूर्ति की समस्या का समाधान निकला, तो भविष्य में कभी भी माल ढुलाई रोकने या दोबारा हड़ताल करने की नौबत नहीं आएगी।