बलरामपुर-रामानुजगंज : जिला अंतर्गत थाना त्रिकुंडा के चौकी डिंडो क्षेत्र में मवेशी चोरी और क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के ही व्यक्ति को चराने के लिए दिए गए बैल को मारकर खाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बैकुण्ठपुर (खड़ारीपारा) निवासी दशरथ सिंह (पिता पच्चू सिंह, उम्र 58 वर्ष) ने लगभग एक माह पूर्व अपना एक रास बैल चराने के लिए गांव के ही रामगुलाब कोरवा (पिता धनदेव कोरवा) को सौंपा था।
13 अगस्त 2026 को ग्राम महादेवपुर निवासी रामलोचन पण्डो ने दशरथ सिंह को सूचना दी कि उनके दिए हुए बैल को रामगुलाब कोरवा, सुदर्शन कोरवा, रामप्रसाद कोरवा और सम्पतिया कोरवा ने मिलकर मार डाला है और उसका मांस खा लिया है।
ग्रामीणों के समक्ष जुर्म कबूला
इस सूचना के बाद 18 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता दशरथ सिंह अन्य ग्रामीणों—उदय सिंह, राजनरायण और भागवत पण्डो—को साथ लेकर रामगुलाब कोरवा के घर पहुंचे। जब ग्रामीणों की मौजूदगी में उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी रामगुलाब ने स्वीकार किया कि उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैल को मारा था और उसका मांस खाया था।
इसके बाद प्रार्थी दशरथ सिंह ने तत्काल चौकी डिंडो पहुँचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कानूनी कार्यवाही और गिरफ्तारी
प्रार्थी की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अपराध क्रमांक 63/2026 दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 399, 3(5) के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1) घ के तहत अपराध पंजीकृत कर विवेचना में लिया।
विवेचना के दौरान साक्ष्य सही पाए जाने पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:
रामगुलाब कोरवा (पिता स्व. धनदेव कोरवा, उम्र 56 वर्ष, निवासी महादेवपुर)
सुदर्शन कोरवा (पिता स्व. जेवू कोरवा, उम्र 58 वर्ष, निवासी बैकुण्ठपुर कोरवापारा)
रामप्रसाद कोरवा (पिता स्व. मंगरू कोरवा, उम्र 57 वर्ष, निवासी बैकुण्ठपुर कोरवापारा)
सम्पतिया कोरवा (पति महेश्वर कोरवा, उम्र 41 वर्ष, निवासी बैकुण्ठपुर कोरवापारा)
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर रामानुजगंज न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक नवल किशोर दुबे, सहायक उप निरीक्षक रामलगन सिंह, आरक्षक (क्र. 1022) रामपुकार सिंह, आरक्षक (क्र. 790) तेजूराम, आरक्षक (क्र. 1002) शिवभजन सिंह पोर्चे और डीएसएफ (03) नंदलाल गोस्वामी शामिल रहे।