बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बुखार का इलाज कराने गए तीन वर्षीय मासूम बालक की गलत इंजेक्शन लगने से मौत हो गई। घटना के बाद हरकत में आई थाना बलरामपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 19 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 07:00 बजे की है। सरनाडीह निवासी प्रार्थी रमेश चेरवा अपने तीन वर्षीय पुत्र अभी चेरवा को तेज बुखार होने पर गांव के ही बालेश्वर सिंह (51 वर्ष) के घर इलाज के लिए ले गया था। आरोप है कि बालेश्वर सिंह ने बिना किसी वैध चिकित्सीय योग्यता के मासूम बच्चे को ‘TaXim 250 mg’ (Cefotaxime Sodium) का इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगते ही बच्चे की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन जब तक उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर लेकर पहुंचते, रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के कर रहा था डॉक्टरी
मासूम की मौत के बाद मर्ग कायम कर जांच में जुटी बलरामपुर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों व आरोपी के बयान दर्ज किए। पुलिस जांच में यह गंभीर तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी बालेश्वर सिंह के पास डॉक्टरी या इलाज करने के लिए कोई वैध चिकित्सकीय पात्रता, डिग्री या पंजीयन (Medical Registration) नहीं था। वह बिना किसी लाइसेंस के अवैध रूप से लोगों का इलाज कर रहा था। आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दवा व अन्य सामग्री को विधिवत जप्त कर लिया है।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, भेजा गया जेल
बलरामपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी बालेश्वर सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 271, 318 तथा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
आरोपी को 21 अगस्त 2026 को सुबह 11:35 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के उपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बलरामपुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की विवेचना पूरी तरह से साक्ष्य-आधारित और कड़ाई से की जा रही है।