बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, एनडीपीएस और यातायात व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
लंबित प्रकरणों और धोखाधड़ी के मामलों का जल्द निपटारा
समीक्षा बैठक के दौरान एसपी वैभव बैंकर ने जिले के थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक समय से पेंडिंग पड़े गंभीर मामलों का तुरंत निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही चिटफंड और धोखाधड़ी से जुड़े लंबित मामलों की जांच में तेजी लाते हुए जनता की पेंडिंग शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदा लोगों की तलाश और ‘ऑपरेशन मुस्कान’
गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों के मामलों को बेहद संवेदनशीलता से लेने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। विशेष रूप से ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश तेज करने और उनके पुनर्वास पर विशेष जोर देने को कहा गया।
एनडीपीएस के मामलों में वित्तीय जांच और जब्ती के आदेश
नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में संलिप्त वाहनों को राजसात (सीज) करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए उनके फाइनेंशियल नेटवर्क को ध्वस्त करने की बात कही। जिले में नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक जारी ‘साइबर जागृति अभियान’
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए एसपी ने 15 अगस्त 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के माध्यम से आम जनता को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में म्यूल अकाउंट, फेक APK, पॉइंट ऑफ सेल इन्वेस्टीगेशन, सोशल इंजीनियरिंग और ओटीपी फ्रॉड जैसे नए साइबर ट्रेंड्स (मॉडस ऑपरेंडी) पर चर्चा हुई। पुलिस कर्मियों को भी इन आधुनिक अपराधों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया।
महिला सुरक्षा और पॉक्सो एक्ट पर कड़े कदम
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाने का निर्देश दिया गया। एसपी ने पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और महिला संबंधी अन्य अपराधों की जांच में तेजी लाकर पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की ताकीद की।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट या सीटबेल पहनने, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, ट्रिपल राइडिंग और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और बेसिक पुलिसिंग
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों और संदिग्धों पर नजर रखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (निवारक निरोध) का उपयोग करने को कहा गया। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ जनता की सेवा करने का संदेश दिया।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वाड्रफनगर एसडीओपी रामअवतार ध्रुव, कुसमी एसडीओपी अलेक्सिस टोप्पो, रामानुजगंज एसडीओपी बाजीलाल सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रमोद किस्पोट्टा, बलरामपुर एसडीओपी याकूब मेमन, डीएसपी आजाक कमलेश्वर भगत सहित जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।