October 11, 2026
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अंबिकापुर/धौरपुर : जिला सरगुजा के थाना धौरपुर अंतर्गत ग्राम सपड़ा में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कलयुगी बेटे ने मामूली पारिवारिक विवाद के चलते अपने ही वृद्ध माता-पिता की टांगी (कुल्हाड़ी) से नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने जुर्म छुपाने की नियत से दोनों शवों को प्लास्टिक के बोरों में भरकर रस्सी से बांध दिया और कमरे में ताला बंद कर मौके से फरार हो गया था। धौरपुर पुलिस टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कमरे का ताला टूटा तो सामने आया खौफनाक मंजर
मामले का विस्तृत विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 17 अगस्त 2026 की सुबह ग्राम सपड़ा से सूचना प्राप्त हुई थी कि हीराधर यादव के घर के अंदर एक कमरे में दंपत्ति के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सीतापुर तथा सीन ऑफ क्राइम (फॉरेंसिक) यूनिट की संयुक्त टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।
घटना के संबंध में सूचक मोहन यादव (छोटा बेटा) ने देहाती मर्ग इंटीमेशन व देहाती नालसी दर्ज कराते हुए बताया कि वह अपने परिवार के साथ ग्राम सपड़ा में ही अपने पुराने घर से लगभग 800 मीटर दूर नया घर बनाकर रहता है। पुराने घर में उसके पिता हीराधर यादव, माता गुलाबी यादव तथा बड़ा भाई जदू यादव एक साथ निवास करते थे।
दिनांक 16 अगस्त 2026 की रात करीब 8:30 बजे पिता हीराधर यादव, मोहन यादव के नए घर आए थे और कुछ देर रुकने के बाद वापस अपने पुराने घर चले गए थे। अगले दिन 17 अगस्त की सुबह जब मोहन यादव दूध लेने पुराने घर पहुंचा, तो मुख्य दरवाजे पर बाहर से सिकड़ी लगी हुई थी। घर के भीतर माता-पिता और बड़ा भाई जदू यादव मौजूद नहीं थे। आसपास पूछताछ करने पर भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो मोहन यादव ने संदेह होने पर घर का दरवाजा खोला। अंदर एक कमरे में ताला लगा हुआ था।
जब ग्रामीणों की उपस्थिति में कमरे का ताला तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। फर्श पर चारों तरफ खून फैला हुआ था और प्लास्टिक के दो बोरों में रस्सी से बंधे हुए हीराधर यादव एवं उनकी पत्नी गुलाबी यादव के शव पड़े थे। इतना ही नहीं, जिस जगह पर पिता सोते थे, वहां साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से जमीन पर ताजे गोबर से लिपाई की गई थी तथा दीवारों पर खून के छींटे मौजूद थे। घटना के बाद से ही बड़ा भाई जदू यादव मौके से फरार था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई व आरोपी की गिरफ्तारी
प्रार्थी मोहन यादव की रिपोर्ट पर थाना धौरपुर में अपराध क्रमांक 52/26, धारा 103(1) एवं 238 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने पुलिस अधिकारियों को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर तुल सिंह पट्टावी के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में धौरपुर पुलिस की टीम ने संभावित ठिकानों पर घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम जदू यादव (उम्र 36 वर्ष, साकिन सपड़ा परसापारा, थाना धौरपुर) बताया।
आरोपी का इकबाल-ए-जुर्म और साक्ष्य जब्ती
सघन पूछताछ में आरोपी जदू यादव ने स्वीकार किया कि 16 अगस्त की रात उसका अपने माता-पिता के साथ पारिवारिक बातों को लेकर विवाद हो गया था। गुस्से में आकर उसने घर में रखी टांगी से अपने पिता हीराधर यादव और माता गुलाबी यादव के सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद उसने साक्ष्य छिपाने के लिए फर्श को गोबर से लीपा, शवों को बोरों में बांधकर कमरे में बंद किया और ताला लगाकर भाग निकला।

अपराध विवरणजानकारी
अपराध क्रमांक52/26 (धारा 103(1), 238 BNS)
मृतक (पीड़ित)हीराधर यादव एवं गुलाबी यादव (निवासी सपड़ा)
गिरफ्तार आरोपीजदू यादव (आत्मज हीराधर यादव, उम्र 36 वर्ष)
जब्त सामग्रीघटना में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) एवं खून से सने कपड़े
वर्तमान स्थितिआरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजा गया

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी तथा घटना के वक्त पहने गए रक्त रंजित कपड़े जब्त कर लिए हैं। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी जदू यादव को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
उक्त कार्रवाई में थाना धौरपुर से सहायक उप निरीक्षक राम धनी राम, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, प्रधान आरक्षक बलबीर मिंज, महिला आरक्षक ज्योति पैकरा, तथा आरक्षक पंकज देवांगन, अशोक यादव, हरी किशुन, देव सिंह, बसंत, एवं अभिषेक सुशील मिंज की महत्वपूर्ण व सक्रिय भूमिका रही।

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