सूरजपुर : छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘सरस्वती साइकिल योजना’ राज्य में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और ड्रॉप-आउट दर को कम करने की दिशा में एक बेहद सार्थक पहल साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल छात्राओं की राह आसान की है, बल्कि उनके भीतर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के हौसले को भी नया विस्तार दिया है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले की एक होनहार छात्रा वैष्णवी कसेरा के जीवन में इस योजना के माध्यम से एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।
पैदल सफर की परेशानी से मिली मुक्ति
सूरजपुर के बाजारपारा क्षेत्र की रहने वाली वैष्णवी कसेरा शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा हैं। विद्यालय और घर के बीच की दूरी अधिक होने के कारण वैष्णवी को प्रतिदिन कड़ी धूप और मौसम की मार झेलते हुए पैदल ही स्कूल आना-जाना पड़ता था।
पैदल लंबी दूरी तय करने की वजह से न केवल वैष्णवी का काफी समय बर्बाद होता था, बल्कि अत्यधिक थकावट के कारण वह घर लौटकर अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित नहीं कर पाती थीं। इस समस्या का सीधा असर उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और दैनिक दिनचर्या पर पड़ रहा था।
निःशुल्क साइकिल ने दी सपनों को रफ्तार
सरस्वती साइकिल योजना के तहत जब शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, तो वैष्णवी कसेरा को भी शासन की ओर से एक नई निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई। साइकिल मिलने के बाद वैष्णवी के चेहरे पर खुशी और राहत साफ देखी जा सकती थी।
वैष्णवी ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले मुझे रोज पैदल चलकर विद्यालय आना पड़ता था, जिससे मेरी पढ़ाई पर बहुत प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा। अब मैं बिना थके नियमित रूप से स्कूल जाऊंगी, मन लगाकर पढ़ाई करूंगी और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।”
आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की ओर कदम
वैष्णवी कसेरा ने इस जनकल्याणकारी योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना का व्यापक प्रभाव
सूरजपुर जिले में इस योजना के लागू होने से छात्राओं के बीच शिक्षा को लेकर एक नया उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखा जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी है और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाली लड़कियों की संख्या में भारी कमी आई है। वैष्णवी जैसी हजारों छात्राओं के लिए यह योजना उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग सुगम बनाने वाली साबित हो रही है।