बलरामपुर-रामानुजगंज : बलरामपुर जिले की बरियों चौकी पुलिस ने मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 20 मई 2025 का है, जब बरियों चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम आरा के कुछ लोग झारखंड के मवेशी तस्करों के साथ मिलकर पशुओं को कत्लखाने ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरा सरनापारा में गागर नदी के किनारे छापेमारी की।
वहां पुलिस को एक सफेद रंग का पिकअप वाहन (JH-03-AM-4025) मिला, जिसमें मवेशियों को अत्यंत क्रूरतापूर्वक लादा जा रहा था। पुलिस की घेराबंदी देखकर तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए थे। जांच करने पर पिकअप से 4 मवेशी बरामद हुए, जिनके पैर और मुंह रस्सी से बेरहमी से बंधे हुए थे। पुलिस ने तब मौके से वाहन और मवेशियों को जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पुलिस विवेचना के दौरान पूर्व में इस तस्करी में शामिल तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिनमें शामिल थे:
तहकीक अंसारी (निवासी मानपुर, गढ़वा) – पिकअप चालक
त्रिवेणी प्रजापति (निवासी मानपुर, गढ़वा) – वाहन स्वामी
आबिद अंसारी (निवासी सोनपुरवा, रंका)
ताजा गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में जलाल साह (पिता सिराज साह, निवासी आरा) लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। बरियों चौकी प्रभारी किरणेश्वर प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश की जा रही थी।
10 मई 2026 को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि जलाल साह ग्राम कोरंधा में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में बरियों चौकी पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है, जिसने लगभग एक साल पुराने मामले के फरार आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया।