October 11, 2026
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बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले में अवैध पशु तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान निरंतर जारी है। इसी कड़ी में राजपुर थाना पुलिस ने पशु तस्करी के एक पुराने मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस प्रकरण में अब तक कुल पांच आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है।
घटना की पृष्ठभूमि और पुलिस की घेराबंदी
पूरा मामला 11 अप्रैल 2026 की रात का है, जब राजपुर पुलिस की टीम शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर थी। गश्त के दौरान रात करीब 10:00 बजे मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि अंबिकापुर की ओर से एक सफेद रंग की पिकअप (क्रमांक JH01GN-8143) बेहद तेज गति से राजपुर होते हुए झारखंड के गुमला की ओर जा रही है। सूचना में बताया गया कि वाहन के भीतर मवेशियों को अत्यंत क्रूरता के साथ बांधकर ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और अंबिकापुर रोड पर थाना के सामने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रुकवाया। शुरुआती पूछताछ में वाहन चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने सारा सच उगल दिया।
अमानवीय तरीके से हो रहा था परिवहन
वाहन की जांच करने पर पुलिस सन्न रह गई। पिकअप के भीतर 02 गायों और 02 बछिया को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधा गया था। पूछताछ में वाहन स्वामी संदीप बड़ाईक (निवासी गुमला, झारखंड) और चालक संदीप साहू (निवासी गुमला, झारखंड) ने स्वीकार किया कि ये मवेशी गुड्डू पंडित द्वारा लोड कराए गए थे, जिन्हें गुमला निवासी अनुज राम के पास पहुँचाया जाना था। पुलिस ने तत्काल वाहन और मवेशियों को जब्त कर लिया था।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और टीम का प्रयास
इस मामले में 03 आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन देवेश मिश्रा और सलमान घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद राजपुर पुलिस और सायबर सेल की एक संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से प्राप्त इनपुट के आधार पर पुलिस ने आज आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर देवेश कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू पंडित और मोहम्मद सलमान (दोनों निवासी ग्राम जयनगर, जिला सूरजपुर) को धर दबोचा।
कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस की चेतावनी और अपील
बलरामपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों, विशेषकर पशु तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास पशु तस्करी या अवैध परिवहन जैसी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

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