बलरामपुर : जिले में सड़कों पर नाबालिग बच्चों द्वारा तेज रफ्तार दोपहिया वाहन चलाने और उससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बलरामपुर पुलिस ने जिलेभर में व्यापक और सख्त विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान के पहले ही चरण में पुलिस ने स्कूलों के बाहर चेकिंग कर 21 मामलों में चालानी कार्रवाई की है।
छुट्टी के समय स्कूलों के बाहर पुलिस की घेराबंदी
अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थानों और चौकियों की पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों के उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को चिन्हित किया। स्कूलों की छुट्टी के समय पुलिस टीमों ने अचानक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं बिना वैध लाइसेंस और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर दोपहिया वाहन चलाते पाए गए।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे दोपहिया वाहनों को जप्त कर लिया और उन्हें संबंधित थाना एवं चौकी परिसर में खड़ा कराया। इसके साथ ही छात्रों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उन्हें रिक्शा, ऑटो, बस या अन्य सुरक्षित साधनों से उनके घर भेजा गया।
21 प्रकरणों में चालान, पालकों पर लगा 2-2 हजार रुपये जुर्माना
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को थाने व चौकी में तलब किया। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 4/181 एवं 5/180 के तहत पालकों के विरुद्ध ₹2,000 की चालानी कार्यवाही की गई। अब तक पूरे जिले में कुल 21 प्रकरणों में चालान काटा जा चुका है। पुलिस ने परिजनों को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में किसी भी स्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपें।
स्कूल प्राचार्यों को कड़े निर्देश
पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों के प्राचार्यों एवं प्रधान पाठकों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस या नाबालिग विद्यार्थियों को वाहन से स्कूल आने की अनुमति बिल्कुल न दी जाए।
स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर भी छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करे।
यदि कोई छात्र-छात्रा नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अगला कदम: 25 हजार जुर्माना और 3 वर्ष तक की जेल (धारा 199क)
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान लगातार एक सप्ताह तक चलाया जाएगा। इस दौरान चेकिंग और चालान के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199(क) के तहत बेहद कठोर कानूनी कदम उठाएगी। इस धारा के अंतर्गत:
अभिभावक/पालक पर ₹25,000 का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
अभिभावक को 3 वर्ष तक के कारावास (जेल) की सजा हो सकती है।
पुलिस कप्तान की आमजन व अभिभावकों से अपील
जिला पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों से भावुक व जिम्मेदार अपील की है कि वे बच्चों की जिद या अल्पकालिक सुविधा के लिए उनकी जान जोखिम में न डालें। नाबालिगों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने न दें। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।