October 13, 2026
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सूरजपुर : जिले में ग्रीष्मकाल के चरम पर पहुंचने के साथ ही पर्यावरण में बढ़ते तापमान और शुष्कता के कारण आगजनी की दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जाती है। इस गंभीर चुनौती से निपटने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय, महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नई दिल्ली तथा अग्निशमन मुख्यालय रायपुर से प्राप्त कड़े नियमों और सुरक्षा मानकों के परिपालन में, जिला सेनानी, नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं सूरजपुर द्वारा एक विशेष व्यापक अग्नि सुरक्षा प्रचार-प्रसार तथा जन-जागरुकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत एडवायजरी जारी कर नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में जरा सी लापरवाही भी भीषण तबाही का कारण बन सकती है। तापमान में बढ़ोतरी के कारण बिजली के तारों का गर्म होना, गैस सिलेंडरों में रिसाव की संभावना बढ़ना और ज्वलनशील पदार्थों का तेजी से आग पकड़ना बेहद आम हो जाता है। इसी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए पृथक-पृथक दिशानिर्देशों का खाका तैयार किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
🏠 आवासीय क्षेत्रों के लिए अग्नि सुरक्षा नियम: घरों को बनाएं सुरक्षित
घरेलू स्तर पर होने वाली आगजनी की घटनाओं का मुख्य कारण शॉर्ट-सर्किट और एलपीजी गैस सिलेंडर का अनुचित रख-रखाव होता है। विभाग द्वारा आम नागरिकों के लिए निम्नलिखित अनिवार्य नियम जारी किए गए हैं:
विद्युत वायरिंग का सुदृढ़ीकरण: सभी गृहस्वामी अपने घरों की आंतरिक और बाह्य विद्युत वायरिंग की किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से तत्काल जांच करवाएं। पुराने और जर्जर हो चुके तारों को तुरंत बदलें ताकि ओवरहीटिंग की समस्या न हो।
मल्टी-प्लगिंग और ओवरलोडिंग पर रोक: एक ही पावर सॉकेट अथवा एक्सटेंशन बोर्ड में अत्यधिक लोड वाले उपकरण (जैसे- एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वाटर हीटर) एक साथ न जोड़ें। इससे तारों के पिघलने और शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है।
एलपीजी गैस सिलेंडर एवं पाइपलाइन की सुरक्षा: रसोई गैस सिलेंडर के रेगुलेटर और रबर पाइप की नियमित अंतराल पर जांच करें। पाइप में किसी भी तरह की दरार दिखने पर उसे तुरंत बदलें। खाना पकाने के पश्चात सिलेंडर के मुख्य वाल्व (रेगुलेटर) को बंद करना न भूलें।
भ्रमण पर जाते समय बिजली विच्छेदन: जब भी परिवार किसी लंबी अवधि या काम के सिलसिले में घर से बाहर जाए, तो मुख्य स्विच (Main Switch) को छोड़कर अन्य सभी अनावश्यक बिजली उपकरणों और अन-इंटरप्टेड पावर सप्लाई (UPS) प्रणालियों को पूरी तरह बंद कर दें।
बाल सुरक्षा एवं जागरूकता: माचिस, लाइटर, ज्वलनशील स्प्रे और बिजली के ओपन बोर्ड्स को बच्चों की पहुंच से सर्वथा दूर रखें। बच्चों को आग के खतरों के प्रति खेल-खेल में जागरूक करें।
🏢 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सख्त हिदायत: वाणिज्यिक क्षेत्रों में अनिवार्य अनुपालन
बाजारों, मॉल, गोदामों और दुकानों में आग लगने पर नुकसान का दायरा बहुत बड़ा होता है। इसे रोकने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालकों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा:
अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता: प्रत्येक छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान में उनकी क्षमता और क्षेत्रफल के अनुसार पर्याप्त संख्या में आईएसआई (ISI) प्रमाणित अग्निशमन यंत्र (फायर एक्स्टिंग्वेशर) स्थापित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही इन यंत्रों की वैधता तिथि (Expiry Date) की निरंतर जांच की जानी चाहिए।
कर्मचारियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण: केवल उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है; संस्थान में कार्यरत सभी प्रबंधकों और कर्मचारियों को दमकल यंत्रों को चलाने और आपातकालीन स्थितियों को संभालने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है ताकि संकट के समय त्वरित कार्रवाई हो सके।
आपातकालीन निकास मार्गों का उदारीकरण: दुकानों और गोदामों के भीतर बने आपातकालीन निकास मार्गों (Emergency Exits) और सीढ़ियों पर किसी भी प्रकार का सामान, कबाड़ या कार्टन जमा न करें। इन रास्तों को हमेशा स्पष्ट और पूरी तरह अवरोध मुक्त रखना वैधानिक रूप से अनिवार्य है।
ज्वलनशील सामग्रियों का वैज्ञानिक भंडारण: ऐसे गोदाम जहां रसायन, कपड़े, प्लास्टिक, कागज या अन्य अति-ज्वलनशील सामग्रियां रखी जाती हैं, वहां तापमान नियंत्रण की व्यवस्था हो और उन्हें बिजली के मुख्य पैनलों व तारों से पर्याप्त दूरी पर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाए।
दमकल वाहनों के लिए सुगम मार्ग: बाजारों और व्यावसायिक परिसरों के बाहर इस प्रकार अतिक्रमण न किया जाए जिससे अग्निशमन विभाग के बड़े वाहनों (वाटर टेंडर्स) के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो। सुगम रास्ता आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को कई गुना तेज बना देता है।
📢 अधिकारियों की विशेष अपील
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, सूरजपुर ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा:
“गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण मौसम में थोड़ी सी भी असावधानी अथवा नियमों की अनदेखी एक बड़ी और विनाशकारी दुर्घटना का रूप ले सकती है। नागरिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालक यदि हमारी इस एडवायजरी में दिए गए सुरक्षा उपायों का ईमानदारी से पालन करें, तो आगजनी की घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है, अतः सजग रहें और किसी भी अप्रिय स्थिति या धुआं-आग दिखने पर बिना समय गंवाए तत्काल अग्निशमन सेवा को सूचित करें।”

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