सूरजपुर : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय सूरजपुर के सभाकक्ष में एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों के बीच आत्महत्या रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना तथा मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्तियों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना रहा।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए सामाजिक सहभागिता जरूरी
कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. डी. पैकरा ने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग या विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि मानसिक परेशानी के शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानकर पीड़ित व्यक्ति को सहानुभूति और उचित उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मनोचिकित्सक डॉ. अंकित शर्मा ने चिकित्सकीय दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि लगातार तनाव, चिंता, अवसाद, निराशा, नींद में कमी और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में आत्महत्या के विचार आ रहे हों, तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय परिवार और समाज को तुरंत विशेषज्ञ परामर्श दिलाना चाहिए।
वहीं, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा ने बताया कि व्यवहार में अचानक परिवर्तन, अत्यधिक निराशा, सामाजिक दूरी बनाना अथवा खुद को बोझ समझना गंभीर चेतावनी संकेत हैं। समय पर पहचान और उचित सहयोग से किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सकता है।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला सम्मान
आयोजन के दौरान वी.एम. नर्सिंग कॉलेज और आईआरआरसी नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, पारिवारिक सहयोग और समय पर सहायता लेने जैसे विषयों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
हेल्पलाइन और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाएं
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 के उपयोग की जानकारी दी गई। इसके अलावा, जिला चिकित्सालय सूरजपुर स्थित स्पर्श क्लिनिक (ओ.पी.डी. क्रमांक 60) में उपलब्ध परामर्श एवं उपचार सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर तथा जिला चिकित्सालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूरजपुर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों ने पोस्टरों से दिया मानसिक स्वास्थ्य का संदेश
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