सूरजपुर : शेयर करेंसी में रकम निवेश कर दो से चार दिनों में पैसा दो गुना करने का लालच देकर 8 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान शाहजाद अंसारी (29 वर्ष), निवासी कुदरा, जिला कैमूर (बिहार) के रूप में हुई है। इस मामले में दो आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या है पूरा मामला?
मामला ग्राम गोवर्धनपुर का है, जहाँ के निवासी सुनील पाण्डेय ने चौकी रेवटी में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि फरवरी 2023 में कार सवार तीन अज्ञात लोग उनकी किराना दुकान पर आए और शेयर करेंसी का काम करने का दावा करते हुए पैसे दोगुने करने का झांसा दिया। आरोपियों ने शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए 10,000 रुपये लेकर अगले ही दिन 20,000 रुपये लौटा दिए।
इसके बाद, 10 लाख रुपये तक लगाने पर रकम दो से चार दिनों में दोगुनी करने का लालच देकर पीड़ित को झांसे में लिया। पीड़ित सुनील पाण्डेय ने 8 लाख 50 हजार रुपये का इंतजाम किया। 27 फरवरी 2023 की सुबह आरोपी रकम लेकर चले गए और बदले में खाकी रंग का एक बंद प्लास्टिक पैकेट थमा दिया। आरोपियों ने कहा कि इसमें 17 लाख रुपये हैं और इसे बाद में उनके सामने खोलने को कहा। जब आरोपी वापस नहीं लौटे और उनका फोन बंद मिला, तो पीड़ित ने पैकेट खोला। पैकेट में नोट के आकार में कटे सादे कागज के बंडल भरे हुए थे।
फर्जी सिम और अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा
पुलिस विवेचना में नई तकनीक की मदद ली गई, जिससे पता चला कि वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर वाराणसी के एक व्यक्ति के नाम पर था। दुकानदार ने फर्जी तरीके से दो बार फोटो और बायोमेट्रिक लेकर एक अतिरिक्त सिम चालू कर लिया था। इस सिम को आरोपी अमरेश मिश्रा ने 1500 रुपये में साजिशकर्ता राजेश सिंह को बेच दिया था। घटना के बाद आरोपियों ने मोबाइल और सिम तोड़कर फेंक दिया था।
पुलिस पूर्व में अमरेश मिश्रा (निवासी वाराणसी) और राजेश सिंह (निवासी वाराणसी) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार जब्त कर चुकी है।
बिहार से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चौकी रेवटी पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। साइबर सेल की मदद से फरार आरोपी शाहजाद अंसारी की लोकेशन कैमूर (बिहार) में मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले के एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।