
बलरामपुर-रामानुजगंज : जिला अंतर्गत कोतवाली थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) पर यात्रा कर रही एक यात्री बस को जबरन रोककर उसके चालक और परिचालक के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट तथा लूटपाट करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के मुख्य मास्टरमाइंड सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त उत्तर प्रदेश पासिंग की एक बोलेरो गाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
दलधोवा घाट पर हुई थी दुस्साहसिक वारदात
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात बीते 10 जून 2026 को दलधोवा घाट स्थित शिव मंदिर के ठीक सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित हुई थी। हमलावरों ने घात लगाकर ‘मोती श्री’ नाम की यात्री बस को रुकवाया और लाठी-डंडों से लैस होकर बस के भीतर दाखिल हो गए। आरोपियों ने सरेराह बस के बेकसूर चालक और कंडक्टर की बेरहमी से पिटाई कर दी और उनसे नगदी व कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपनी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर मौके से फरार हो गए थे।
जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर भागे थे आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही बलरामपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना प्रभारी ने तत्काल वायरलेस के माध्यम से जिले के सभी सरहदी और पड़ोसी थानों को अलर्ट जारी किया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिले के सभी मुख्य मार्गों पर सघन नाकाबंदी (नाका चेकिंग) की गई थी। पुलिस टीमों ने संदिग्ध बोलेरो का पीछा भी किया, लेकिन रात्रि के घने अंधेरे और आसपास के सघन मैदानी व जंगली क्षेत्र का भौगोलिक लाभ उठाते हुए आरोपी नाकाबंदी को चकमा देकर भाग निकलने में कामयाब रहे थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम, पटना क्षेत्र से दबोचा गया मुख्य आरोपी
हाईवे पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात को गंभीरता से लेते हुए बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल आरोपियों की पतासाजी और त्वरित गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए। इसके बाद कोतवाली पुलिस के नेतृत्व में एक विशेष खोजी टीम का गठन किया गया, जिसमें सायबर सेल और अनुभवी विवेचकों को शामिल किया गया। टीम लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर और तकनीकी सर्विलांस से पुख्ता सूचना मिली कि वारदात का मुख्य सरगना पड़ोसी जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के पटना थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की तस्दीक करते हुए विशेष टीम ने तत्काल घेराबंदी की और मुख्य आरोपी जितेन्द्र गुप्ता को पटना क्षेत्र से हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ में खुले राज, सह-आरोपी भी अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार
मुख्य आरोपी जितेन्द्र गुप्ता को हिरासत में लेकर जब बलरामपुर थाना लाया गया और कड़ाई से तकनीकी साक्ष्यों के सम्मुख रखकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस के सामने पूरी साजिश का पर्दाफाश करते हुए वारदात में शामिल अपने अन्य तीन साथियों के नामों और उनके ठिकानों का खुलासा किया।
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी करते हुए गिरोह के बाकी सदस्यों- प्रिंस कुमार दूबे, चंचलेश मंडल उर्फ बिट्टू और दिनेश कुमार उर्फ निरहुआ को अलग-अलग ठिकानों से घेबंदी कर दबोच लिया। थाने लाकर की गई संयुक्त पूछताछ में सभी चार आरोपियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस रोककर लूटपाट और मारपीट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल:
जितेन्द्र गुप्ता पिता स्व. शिवकुमार गुप्ता (उम्र 30 वर्ष), निवासी: भवानीपुर, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर रामानुजगंज (मुख्य आरोपी)
प्रिंस कुमार दूबे पिता शशि भूषण दूबे (उम्र 27 वर्ष), निवासी: तेतरडीह, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर रामानुजगंज
चंचलेश मंडल उर्फ बिट्टू पिता चंद्रशेखर मंडल (उम्र 21 वर्ष), निवासी: ग्राम धनगांव, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर रामानुजगंज
दिनेश कुमार उर्फ निरहुआ पिता राजेंद्र रवि (उम्र 20 वर्ष), निवासी: ग्राम नवाडीह, चौकी तातापानी, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर रामानुजगंज
कठोर धाराओं में मामला दर्ज, भेजे गए जेल
पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेन्द्र गुप्ता के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई उत्तर प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाली सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी (क्रमांक UP64AT6717) को कानूनी प्रावधानों के तहत जप्त कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 93/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे 126(2) [गलत तरीके से रोकना], 309(6) [लूटपाट], 310(2) [डकैती का प्रयास], 296 [अश्लील कृत्य/गाली-गलौज], 115(2) [स्वेच्छा से चोट पहुंचाना], और 3(5) [सामान्य मंशा] के तहत कानूनी कार्रवाई की है।
आज दिनांक 13 जून 2026 को सभी चार फरार आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को स्थानीय माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड के तहत जिला जेल रामानुजगंज दाखिल करा दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच कर रही है।

