October 12, 2026
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सूरजपुर : ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 06 अगस्त 2026 को थाना झिलमिली में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी ने की। बैठक में क्षेत्र के समस्त ग्राम कोटवारों ने हिस्सा लिया।
नियमित उपस्थिति और सत्यापन के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने सभी ग्राम कोटवारों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो बार थाने में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। इस दौरान वे अपने-अपने गांव की सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की स्थिति और गांव में होने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएंगे।
गांवों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए बाहर से आने वाले व्यक्तियों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि गांव में आने वाले अजनबी, संदिग्ध व्यक्तियों, अवैध प्रवासियों, किरायेदारों तथा मुसाफिरों का पूर्ण सत्यापन किया जाए। इनका नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं फोटो एक रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की हिदायत
थाना प्रभारी ने कोटवारों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्तियों की असामान्य आवाजाही, झगड़ा-विवाद, अवैध शराब की बिक्री, जुआ-सट्टा, मादक पदार्थों का अवैध कारोबार, पशु तस्करी या चोरी जैसी घटनाओं की सूचना बिना किसी देरी के पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
रजिस्टर और पेन का वितरण
बैठक के दौरान सत्यापन कार्य को सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए उपस्थित सभी कोटवारों को पुलिस प्रशासन की ओर से रजिस्टर और पेन वितरित किए गए। थाना प्रभारी ने कोटवारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि “ग्राम कोटवार पुलिस की आंख और कान होते हैं। उनकी मुस्तैदी और सक्रियता से ही गांवों में अपराधों की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।”
कोटवारों को दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश:
किरायेदारों का सत्यापन: गांव में नए किरायेदार के आने पर तत्काल उसका सत्यापन पुलिस के माध्यम से कराया जाए।
रात्रिकालीन गश्त व निगरानी: रात के समय गांव में बिना किसी कारण घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखी जाए।
जन-जागरूकता: गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों और बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
साइबर सुरक्षा: ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराधों, बैंक फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाए।
महिला एवं बाल सुरक्षा: महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना या आशंका की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
अफवाहों पर रोक: सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली गलत जानकारियों, भड़काऊ संदेशों या अफवाहों की पुष्टि किए बिना उन्हें आगे प्रसारित न होने दिया जाए।
स्थानीय समन्वय: ग्राम स्तर पर गठित शांति समितियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाए।
सूरजपुर पुलिस की आम जनता से अपील
सूरजपुर पुलिस ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अपने गांव या आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, असामाजिक गतिविधि या अवैध कार्य की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाने या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें। पुलिस ने नागरिकों से एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया है।

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