
सूरजपुर : अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के निर्देशानुसार आज सूरजपुर जिला मुख्यालय स्थित गोंडवाना भवन में ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि अत्यंत गरिमामय और गौरवपूर्ण माहौल में मनाई गई। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव एवं सूरजपुर आदिवासी कांग्रेस के प्रभारी राम जी ध्रुव के आदेशानुसार, जिला अध्यक्ष संतोष पावले के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाज प्रमुखों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जल, जंगल और जमीन के संघर्ष को किया गया याद
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, उनके ऐतिहासिक उलगुलान (आंदोलन), सर्वोच्च बलिदान और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए संघर्षों पर विस्तृत प्रकाश डाला। जिला अध्यक्ष संतोष पावले ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने बहुत कम उम्र में आदिवासी समाज को जल, जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट किया था। ब्रिटिश हुकूमत और जमींदारों के शोषण के खिलाफ उनका संघर्ष आज भी पूरे देश और विशेषकर आदिवासी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
बैठक में संकल्प लिया गया कि भगवान बिरसा मुंडा के बताए सिद्धांतों पर चलते हुए आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए आदिवासी कांग्रेस निरंतर संघर्षरत रहेगी।
कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित
पुण्यतिथि के इस गरिमामय कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में:
संतोष पावले (जिला अध्यक्ष)
बिहारी लाल कुलदीप
समीर सिंह
राजकुमार सिंह
किशुन सिंह
दुर्गा सिंह
सुनील सारथी
बबलू यादव
सुनील प्रजापति
सुरेंद्र सारथी
बाबू लाल सिंह
आशीष सिंह
राजू
जग साय
इसके साथ ही बड़ी संख्या में अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और समाज के नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की गई।

