किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने कृषि विभाग का सघन निरीक्षण अभियान जारी, 8 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशक सही कीमतों पर उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। कलेक्टर सूरजपुर के कड़े निर्देशन और उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिलेभर की सहकारी समितियों तथा निजी विक्रय केंद्रों (प्राइवेट दुकानों) पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में उर्वरकों के अवैध भण्डारण, कालाबाजारी और ऊंची कीमतों पर लगाम लगाना है।
इसी कड़ी में आज राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के कई संवेदनशील इलाकों में औचक छापेमारी की, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़े केंद्रों पर अचानक पहुंचे अधिकारी, मची खलबली
निरीक्षण अभियान के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) सूरजपुर, शिवानी जायसवाल और उर्वरक निरीक्षक अशोक सोनवानी (कृषि विकास अधिकारी) की टीम ने डबल लॉक विश्रामपुर और सूरजपुर, समिति जयनगर, समिति कन्दरई सहित कई निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान जब टीम ‘मेसर्स महानंद राय अग्रवाल’ नामक निजी उर्वरक विक्रय केंद्र पर पहुंची, तो वहां स्टॉक और दस्तावेजों में भारी खामियां मिलीं। दुकान में अभिलेखों का संधारण (रिकॉर्ड मेंटेनेंस) सही नहीं था, बिल बुक अधूरी थी और कई अन्य आवश्यक दस्तावेज गायब या त्रुटिपूर्ण पाए गए। इस घोर लापरवाही और अनियमितता पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्रतापपुर विकासखंड में भी ताबड़तोड़ कार्रवाई
निरीक्षण का यह दौर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। विकासखंड प्रतापपुर में उर्वरक निरीक्षक शिवशंकर यादव ने क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक केंद्रों की सघन जांच की। जांच के दौरान क्षेत्र की नामी दुकानों में ‘उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985’ के नियमों की धज्जियां उड़ती पाई गईं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है, उनमें शामिल हैं:
तायल ट्रेडर्स
गर्ग ट्रेडिंग कम्पनी
रामबिलास कृषि सेवा केन्द्र
श्याम ट्रेडर्स
किसान सेवा केन्द्र
कृषि रक्षा केन्द्र (प्रतापपुर)
इन सभी विक्रेताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है, अन्यथा उनके व्यापारिक लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अब तक 95 केंद्रों की जांच, 8 के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित
कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 95 उर्वरक विक्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण किया जा चुका है। विभाग की यह कार्रवाई कितनी सख्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक गंभीर गड़बड़ियां पाए जाने पर 8 प्रमुख विक्रय केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इन दुकानों पर किसी भी प्रकार की खाद या बीज बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध (विक्रय प्रतिबंध) लगा दिया गया है।
जेल और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कृषि विभाग ने बाजार के बिचौलियों और मुनाफाखोरों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि शासन द्वारा निर्धारित आधिकारिक दर से अधिक मूल्य पर खाद-बीज की बिक्री, किसी भी प्रकार की कालाबाजारी (Black Marketing) या स्टॉक छिपाकर जमाखोरी (Hoarding) करने पर जिला और विकासखंड स्तरीय निगरानी दल सीधे सख्त कार्रवाई करेंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक, कानूनी और दंडात्मक मुकदमों की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दुकान सील करने से लेकर जेल तक का प्रावधान है।
📢 किसानों से प्रशासन की अपील: तुरंत करें शिकायत
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने सूरजपुर के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी दुकानदार के बहकावे में न आएं। यदि कोई भी विक्रेता तय कीमत से ₹1 भी ज्यादा वसूलता है, खाद के साथ जबरन कोई दूसरा सामान (जैसे नैनो यूरिया या जिंक) थमाता है, या कोई अन्य गड़बड़ी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को दें। किसानों की पहचान गुप्त रखकर दोषियों पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा।

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