नगर पंचायत में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाला शातिर आरोपी किशन तिवारी गिरफ्तार, पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Deshkibaat24
4 Min Read

पटना : कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाले थाना पटना क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने स्थानीय युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पटना पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी की पहचान किशन तिवारी (उम्र 23 वर्ष), पिता जय कुमार तिवारी, निवासी ग्राम आंजोखुर्द, थाना पटना के रूप में की गई है। आरोपी लंबे समय से क्षेत्र के भोले-भाले और बेरोजगार युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था।
क्या था पूरा मामला?
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित नंदलाल सिंह, पिता सोमारसाय, निवासी ग्राम आंजोखुर्द ने थाना पटना में उपस्थित होकर आरोपी के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। नंदलाल सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी किशन तिवारी ने उसे नगर पंचायत पटना में स्थायी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।
नौकरी के इस सुनहरे जाल में फंसाकर आरोपी ने पीड़ित से किश्तों में कुल 2 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। पैसे लेने के बाद जब लंबा समय बीत जाने पर भी नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उसने कानून की शरण ली।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
नंदलाल सिंह की इस लिखित रिपोर्ट के आधार पर थाना पटना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने दिनांक 28 फरवरी 2026 को आरोपी किशन तिवारी के खिलाफ थाना पटना में अपराध क्रमांक 58/2026 दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) [धोखाधड़ी], 336 (3), 338 और 238 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना को आगे बढ़ाया।
आरोपी की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी किशन तिवारी का यह कोई पहला अपराध नहीं था। वह काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय था और ऐसे बेरोजगार युवाओं तथा नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपना निशाना बनाता था जो सरकारी या प्रतिष्ठित निजी संस्थानों में रोजगार पाना चाहते थे। वह खुद को ऊंचे रसूख वाला व्यक्ति बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और उनसे भारी धनराशि प्राप्त कर फरार हो जाता था।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोरिया पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के निर्देश पर थाना पटना पुलिस द्वारा आरोपी की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम द्वारा लगातार तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल की मदद) का विश्लेषण किया गया और क्षेत्र में मुखबिरों का जाल बिछाया गया।
अंततः, ठोस मुखबिर सूचना और सटीक लोकेशन के आधार पर दिनांक 09 जून 2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी किशन तिवारी को धर दबोचा। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और उसके द्वारा की गई अन्य धोखाधड़ी की वारदातों का भी खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस त्वरित और सफल पुलिसिया कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद पांडे (थाना प्रभारी पटना), सहायक उपनिरीक्षक बाल कृष्ण राजवाड़े समेत थाना पटना के अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सराहनीय और विशेष योगदान रहा। पुलिस टीम की मुस्तैदी के कारण ही आरोपी को समय रहते कानून के शिकंजे में लाया जा सका।

Share This Article
Leave a comment