सूरजपुर और बिश्रामपुर में खाद्य सुरक्षा टीम का छापा: होटल, रेस्टोरेंट और डेयरियों की जांच, नहीं मिले नकली डेयरी उत्पाद

Deshkibaat24
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सूरजपुर : छत्तीसगढ़ में एनालॉग डेयरी उत्पादों (वनस्पति तेल या रसायन आधारित नकली पनीर और डेयरी विकल्प) पर शासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सूरजपुर और बिश्रामपुर क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंटों, ढाबों और डेयरी दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।
टीम का गठन और निरीक्षण प्रक्रिया
अभिहित अधिकारी पुष्प राज चौहान के कुशल मार्गदर्शन में एक विशेष संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था। इस दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम प्रकाश जायसवाल तथा नमूना सहायक दीपा साहू शामिल थे। टीम ने सूरजपुर और बिश्रामपुर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा मुख्य बाजारों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों में जाकर पनीर, दूध, खोवा और अन्य डेयरी उत्पादों के भंडारण, निर्माण और बिक्री की बारीकी से पड़ताल की।
जांच के दायरे में आए प्रमुख प्रतिष्ठान
खाद्य सुरक्षा दल ने कार्रवाई के दौरान सूरजपुर और बिश्रामपुर दोनों प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को कवर किया:
सूरजपुर क्षेत्र: कृष्णा डेयरी, जय डेयरी, बाबा होटल, गुड्डु स्वीट्स, गोलू स्वीट्स, पंडित स्वीट्स, गोपाल डेयरी और कान्हा डेयरी।
बिश्रामपुर क्षेत्र: सालु स्वीट्स, जय डेयरी, संदीप स्वीट्स, दूध डेयरी, सुहानी डेयरी, सोनी होटल, जलतरंग स्वीट्स, वीरेंद्र सब्जी भंडार, कृशु डेयरी और श्याम डेयरी।
निरीक्षण का परिणाम और विभागीय निर्देश
सघन जांच के दौरान राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रतिष्ठान से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित एनालॉग डेयरी उत्पाद और उससे संबंधित कच्चा माल बरामद नहीं हुआ। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी व्यापारियों और दुकानदारों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे एनालॉग उत्पादों का क्रय-विक्रय या उपयोग भूलकर भी न करें। टीम ने व्यापारियों को राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की विस्तृत प्रति और नियमों की जानकारी दी।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यवसायी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि भविष्य में किसी भी संस्थान में प्रतिबंधित या मिलावटी एनालॉग डेयरी उत्पाद पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हित में यह सघन जांच अभियान जिले भर में आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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