अम्बिकापुर : साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने एक बार फिर ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए ‘म्यूल अकाउंट’ (दूसरों के नाम पर खोले गए बैंक खाते) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस मुख्यालय (तकनीकी सेवाएं) नवा रायपुर के कड़े निर्देशों के बाद, गांधीनगर थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इन आरोपियों ने चंद रुपयों के लालच में अपने बैंक खाते और मोबाइल नंबर साइबर ठगों को बेच दिए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन खातों के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार और तेलंगाना के नागरिकों से कुल 1,44,200 रुपये की ऑनलाइन ठगी की जा चुकी है।
पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक्शन
यह पूरी कार्यवाही डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के सख्त दिशा-निर्देशों पर अमल में लाई गई है। सरगुजा पुलिस इन दिनों जिले में सक्रिय म्यूल अकाउंट धारकों, पीओएस एजेंटों और फर्जी सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में गांधीनगर थाना प्रभारी और निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन अलग-अलग केस दर्ज कर यह सफलता हासिल की है।
तीन अलग-अलग प्रकरणों का विस्तृत विवरण:
1. पहला मामला: उत्तर प्रदेश से जुड़ी शिकायत (अपराध क्रमांक 313/2026)
गांधीनगर पुलिस ने दर्रीपारा, अम्बिकापुर के रहने वाले अभय रक्सेल (पिता: भोला रक्सेल, उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। अभय का बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अम्बिकापुर शाखा में खाता (क्र. 60505796078) था। इस खाते और इससे लिंक मोबाइल नंबर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के साइबर पुलिस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज थी। ठगों ने इस खाते को ‘लेयर-1 म्यूल अकाउंट’ की तरह इस्तेमाल कर 17,780 रुपये का ट्रांजैक्शन किया था। जांच में इस खाते से भारी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले हैं। अभय ने कबूल किया कि उसने अपना खाता किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था।
2. दूसरा मामला: बिहार के पीड़ित की शिकायत (अपराध क्रमांक 314/2026)
दूसरे मामले में पुलिस ने शिकारी रोड, उरांवपारा (बौरीपारा, अम्बिकापुर) की निवासी अम्बिका खलखो (पिता: रमेश खलखो) को गिरफ्तार किया है। अम्बिका के बैंक खाते (क्र. 60504963144) और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (918349385093) का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। इस खाते के खिलाफ बिहार राज्य से साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। ठगों ने इस खाते में 31,420 रुपये मंगाकर आहरित (विड्रॉ) किए थे। आरोपी ने पूछताछ में अपना खाता बेचना स्वीकार किया है।
3. तीसरा मामला: तेलंगाना से जुड़ा कनेक्शन, खाता और सिम धारक दोनों गिरफ्तार (अपराध क्रमांक 315/2026)
तीसरा मामला सबसे बड़ा है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा है। इसमें पहला आरोपी सरगवां (सकालो, सरगुजा) का रहने वाला सरद हलदार (पिता: हरिमोहन हलदार, उम्र 41 वर्ष) है, जिसका बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता (क्र. 60504614570) था। वहीं, दूसरा आरोपी किशुननगर (सरगवां) का निवासी राजा हलदार (पिता: भरत हलदार, उम्र 25 वर्ष) है, जिसके नाम पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (918827530393) इस खाते से लिंक था।
इस खाते के खिलाफ तेलंगाना राज्य से साइबर शिकायत दर्ज थी। ठगों ने इस खाते के जरिए 95,000 रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने महज 1,500 से 2,000 रुपये के लालच में आकर अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया था।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित होने और जुर्म कबूल करने के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4), 318(4), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। कानूनी औपचारिकताओं के बाद सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है।
इस टीम को मिली कामयाबी
इस बड़ी कार्यवाही को अंजाम देने में गांधीनगर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:
गांधीनगर थाना: निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, विकास सिंह और रिषभ सिंह।
साइबर सेल: प्रभारी व सउनि अजीत मिश्रा, आरक्षक जितेश साहू और राहुल केरकेट्टा।
पुलिस की अपील: चंद रुपयों का लालच दे सकता है जेल की हवा
सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं। थोड़े से पैसों या कमीशन के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी दूसरे को न बेचें और न ही किराए पर दें। साइबर अपराधी इन खातों का इस्तेमाल निर्दोष लोगों को ठगने के लिए करते हैं, जिससे खाताधारक मुख्य आरोपी न होते हुए भी कानूनन अपराधी बन जाता है।