फर्जी तरीके से बुजुर्ग की 3.25 हेक्टेयर भूमि हड़पने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नौकरी और मुआवजा हड़पने की थी बड़ी साजिश

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  जिले से भू-माफियाओं और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चंदौरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी और कूटकरण (फोर्जरी) के जरिए एक बुजुर्ग की करोड़ों रुपये की पैतृक भूमि हड़पने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने अपने पिता के साथ मिलकर मृत व्यक्ति को अपना वंशावली वारिस बताते हुए शासकीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया था। इस पूरी साजिश के पीछे शासकीय मुआवजा और अनुकंपा या अन्य नौकरी प्राप्त करने की गहरी नीयत छिपी हुई थी।
एसपी कार्यालय की शिकायत से खुला राज
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, ग्राम परमेश्वरपुर (थाना चन्दौरा) के रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग शिवचरण ने अपने स्वामित्व और आधिपत्य की बहुमूल्य कृषि भूमि के शासकीय रिकॉर्ड में हुई बड़ी गड़बड़ी को भांप लिया था। जालसाजों द्वारा उनकी ग्राम बंशीपुर (उप तहसील जरही) स्थित पुश्तैनी जमीनों को धोखाधड़ी, बेईमानी और छल-कपट पूर्वक अपने नाम दर्ज कराने के संबंध में एक विस्तृत लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय सूरजपुर में प्रस्तुत की गई थी। मामले की संवेदनशीलता और बुजुर्ग पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, इसकी उच्च स्तरीय जांच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) प्रतापपुर को सौंपी गई थी।
जांच में उजागर हुई जालसाजी की पूरी कड़ियों की क्रोनोलॉजी
एसडीओपी प्रतापपुर द्वारा की गई सघन जांच और शिकायत पत्र के साथ संलग्न राजस्व दस्तावेजों व गवाहों के बयानों के आधार पर यह सनसनीखेज खुलासा हुआ। जांच निष्कर्ष के मुताबिक, अनावेदक लक्ष्मण और उसके शातिर पुत्र अशोक ने अत्यंत सुनियोजित तरीके से शासकीय राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल करवाया था। उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड में लक्ष्मण सिंह, पिता जोखन सिंह का नाम दर्ज करा लिया था।
जालसाजी की पराकाष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संबंधित भू-स्वामी शिवभजन की मृत्यु काफी समय पहले यानी दिनांक 20 सितंबर 2014 को हो चुकी थी। इसके बावजूद, आरोपियों ने राजस्व विभाग के नियमों को ताक पर रखकर, शिवभजन की मृत्यु के उपरांत नामांतरण क्रमांक 6 के तहत आदेश दिनांक 20 मई 2016 को नामांतरण पंजी में प्रविष्टि करा ली। इसके ठीक बाद, दिनांक 27 जून 2016 को तस्दीक (सत्यापन) की आड़ में मृत शिवभजन के फौती नामांतरण के रूप में अनावेदक लक्ष्मण का नाम बतौर वारिस दर्ज करा दिया गया। इस कृत्य का एकमात्र उद्देश्य उस क्षेत्र में आने वाली भूमि का भारी-भरकम सरकारी मुआवजा हड़पना और संबंधित योजनाओं के तहत नौकरी हथियाना था।
मामले से जुड़े आधिकारिक तथ्य (एक नज़र में)
पीड़ित भू-स्वामी: शिवचरण (उम्र 75 वर्ष), निवासी- ग्राम परमेश्वरपुर
गिरफ्तार मुख्य आरोपी: अशोक, पिता- लक्ष्मण सिंह, निवासी- ग्राम परमेश्वरपुर
सह-आरोपी (फरार): लक्ष्मण, पिता- जोखन सिंह
विवादित भूमि का स्थान: ग्राम बंशीपुर, उप तहसील जरही, जिला सूरजपुर
प्रभावित खसरा नंबर: खसरा नंबर 273, 290, 1584, 1653, 1654, 1673, 1675, 1676
कुल रकबा (क्षेत्रफल): क्रमशः 0.34, 0.34, 0.06, 0.63, 0.86, 0.16, 0.56, 0.28 हेक्टेयर (कुल 3.25 हेक्टेयर)
आधिकारिक अपराध विवरण: अपराध क्रमांक 56/26 | धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 भा.द.सं. (IPC)
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दबिश और गिरफ्तारी
एसडीओपी की जांच रिपोर्ट में जब यह कृत्य पूरी तरह से अपराध की श्रेणी में प्रमाणित पाया गया, तब तत्काल थाना चंदौरा में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (भा.द.सं.) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपियों की तत्काल पतासाजी कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजने के कड़े निर्देश जारी किए।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चंदौरा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और अंततः मुख्य आरोपी अशोक (आत्मज लक्ष्मण सिंह, निवासी परमेश्वरपुर) को उसके ठिकाने से घेराबंदी कर धर दबोचा।
आरोपी का कबूलनामा: कैसे रची गई पूरी साजिश
पुलिस हिरासत में कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी अशोक ने अपना जुर्म पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि मृतक शिवभजन की वंशावली का कोई सीधा वारिस न होने का फायदा उठाने के लिए उसने योजना बनाई थी। उसने अपने पिता लक्ष्मण को मृत शिवभजन का असली और वैध उत्तराधिकारी दर्शाया। इसके लिए उसने बकायदा एक फर्जी पंचनामा तैयार करवाया, जिसमें झूठे साक्ष्य प्रस्तुत किए गए कि लक्ष्मण ही शिवभजन का पुत्र है (जबकि असल में वह जोखन सिंह का पुत्र है)। इसी कूटचरित और फर्जी पंचनामे को असली के रूप में उपयोग करते हुए उन्होंने राजस्व अधिकारियों को गुमराह किया और ग्राम बंशीपुर स्थित भूमि को अपने पिता के नाम पर फौती नामांतरण करा लिया।
एक अन्य आरोपी की तलाश और पुलिस टीम
आरोपी अशोक को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस व्यापक भू-धोखाधड़ी में शामिल दूसरे सह-आरोपी लक्ष्मण की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस पूरी त्वरित और सफल दंडात्मक कार्रवाई में चंदौरा थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह धुर्वे, एएसआई नील कुसुम बेक, आरक्षक अवधेश कुशवाहा, आरक्षक शेखर मानिकपुरी तथा आरक्षक अमृत जगत की भूमिका अत्यंत सराहनीय और सक्रिय रही।

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