सूरजपुर पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात, अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक पद्धति से होगा साक्ष्यों का संकलन

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले की कानून व्यवस्था और अपराध अनुसंधान प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से सूरजपुर जिले को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन (Mobile Forensic Van) सौंपी गई है। शनिवार, 23 मई 2026 को कोतवाली सूरजपुर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
विधिवत पूजा-अर्चना के साथ वाहन रवाना
कोतवाली सूरजपुर से इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को प्रदेश कार्य समिति सदस्य भीमसेन अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी एवं सूरजपुर के डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने विधिवत पूजा-अर्चना और विधि-विधान के साथ हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र के लिए रवाना किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगी मजबूती
अब तक छत्तीसगढ़ में अपराध अनुसंधान के दौरान घटनास्थल से साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से प्रयोगशाला (एफएसएल) तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता था। इस समयांतराल के कारण कई बार महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों के दूषित (Contaminate) होने या नष्ट होने की आशंका बनी रहती थी, जिससे जांच रिपोर्ट आने में भी लंबा समय लगता था।
इस नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के बेड़े में शामिल होने से अब किसी भी अपराध स्थल पर ही साक्ष्यों का त्वरित संरक्षण, प्रारंभिक परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे न केवल जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आपराधिक मामलों की विवेचना की गति भी काफी तेज हो जाएगी।
पूरे प्रदेश में संचालित हो रही हैं 32 वैन
छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य में अपराध जांच व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कुल 32 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का संचालन हाल ही में शुरू किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड से इन सभी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी राष्ट्रव्यापी और राज्यव्यापी आधुनिकीकरण अभियान के तहत सूरजपुर जिले को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं
सूरजपुर के डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने वैन की तकनीकी क्षमताओं और विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नए आपराधिक कानूनों का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित निष्पक्ष जांच को बढ़ावा देना है। ये साक्ष्य न्यायालय में अधिक प्रभावी और विश्वसनीय साबित होते हैं। वैन की प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:
स्पॉट इन्वेस्टिगेशन टूल्स: इस वैन के माध्यम से पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर ही फिंगरप्रिंट, रक्त के नमूने, और कपड़ों के रेशे (फाइबर) जैसे संवेदनशील वैज्ञानिक साक्ष्य बिना किसी नुकसान के एकत्र कर सकेंगे।
अत्याधुनिक डिटेक्शन किट्स: यह वाहन डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, अत्याधुनिक नारकोटिक्स परीक्षण किट (नशीले पदार्थों की जांच के लिए) और फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम से पूरी तरह लैस है।
स्वतंत्र पावर बैकअप: वैन में एक इन-बिल्ट जनरेटर की सुविधा दी गई है। ग्रामीण या ऐसे दुर्गम इलाके जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहां यह जनरेटर लगातार 5 घंटे तक बिजली की रोशनी और उपकरणों के लिए पावर बैकअप प्रदान करने में सक्षम है।
जनप्रनिधियों और विशेषज्ञों ने जताई प्रसन्नता
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और कानून विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना की:
भीमसेन अग्रवाल (प्रदेश कार्य समिति सदस्य): उन्होंने कहा कि इस वैन के माध्यम से मौके पर ही वैज्ञानिक जांच संभव होगी, जिससे अनुसंधान की पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
मुरली मनोहर सोनी (भाजपा जिलाध्यक्ष): उन्होंने इसे न्याय प्रणाली के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह सेवा जिले में पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच व्यवस्था सुनिश्चित करेगी और त्वरित न्याय दिलाने में मददगार होगी।
आर.के. पैंकरा (संयुक्त संचालक, एफएसएल): उन्होंने वैन में उपलब्ध विभिन्न फॉरेंसिक किट्स और आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के संचालन व उपयोगिता के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारी साझा की।
बलराम शर्मा (अध्यक्ष, बार एसोसिएशन): उन्होंने कानूनी दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि पहले एफएसएल रिपोर्ट आने में अत्यधिक विलंब होता था, लेकिन इस नई व्यवस्था से रिपोर्ट जल्द तैयार होगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
कार्यक्रम में गरिमामय उपस्थिति
इस शुभारंभ कार्यक्रम का सफल संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला महामंत्री शशिकांत गर्ग, नपा उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रितेश गुप्ता, संयुक्त संचालक एफएसएल अम्बिकापुर आर.के. पैंकरा, उप संचालक अभियोजन विरेन्द्र लकड़ा, डीपीओ मनोज चतुर्वेदी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा, जीपी राजूदास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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