सूरजपुर में बड़े डीजल चोरी रैकेट का भंडाफोड़: भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के टैंकरों से चोरी कर रहे ढाबा संचालक और चालक गिरफ्तार, 950 लीटर डीजल व स्कॉर्पियो समेत 2 टैंकर जब्त

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में अवैध कारोबारियों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना प्रतापपुर पुलिस ने भारतीय पेट्रोलियम कंपनी के टैंकरों से कटर मशीन के जरिए डीजल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्नपूर्णा ढाबा के संचालक और एक टैंकर चालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 950 लीटर अवैध डीजल, चोरी में इस्तेमाल उपकरण, दो बड़े टैंकर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की गई है। इस मामले का एक आरोपी (दूसरा टैंकर चालक) अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की घेराबंदी
मामला 22 मई 2026 की रात का है। डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर द्वारा जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस टीम लगातार गश्त पर थी। इसी दौरान थाना प्रतापपुर पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम दुरती स्थित अन्नपूर्णा ढाबा का संचालक रविकांत यादव अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो (क्रमांक UP 67 AM 9993) से ढाबे पर पहुंचा है।
उसके ठीक पीछे दो भारी टैंकर (क्रमांक WB 78-5226 और NL 06 A 9129) भी आकर ढाबे के सामने खड़े हुए हैं। मुखबिर ने बताया कि इन टैंकरों में भरा सरकारी डीजल चोरी छिपे निकाला जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए गवाहों को साथ लिया और अन्नपूर्णा ढाबा पर छापेमारी के लिए रवाना हो गई।
मुग़लसराय से ओडिशा जा रहा था 48,000 लीटर डीजल
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह सामने आया कि दोनों टैंकरों के चालक क्रमशः सलमान और सलीम रहमान खान थे। ये दोनों अपने-अपने टैंकरों में भारतीय पेट्रोलियम कंपनी का 24-24 हजार लीटर (कुल 48,000 लीटर) डीजल लोड करके उत्तर प्रदेश के मुगलसराय से ओडिशा के लिए रवाना हुए थे।
रास्ते में अधिक मुनाफा कमाने और हेराफेरी करने की नीयत से दोनों चालकों ने ग्राम दुरती में अन्नपूर्णा ढाबा के संचालक रविकांत यादव से संपर्क साधा। तीनों ने मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची। वे टैंकर क्रमांक WB 78-5226 के ऑयल टैंक को एक इलेक्ट्रिक ग्रेडर (कटिंग) मशीन से काटने लगे। उन्होंने टैंक का लॉक नोजल निकालकर पाइप डाल दिया और ढाबे के पीछे बने एक गुप्त कमरे में रखे ड्रमों और प्लास्टिक के जरिकेन में डीजल पलटना शुरू कर दिया।
छापेमारी में जप्त की गई सामग्रियां (बाजार मूल्य ₹93,100)
जब थाना प्रतापपुर और थाना चंदौरा की संयुक्त पुलिस टीम ने ढाबे के पिछले हिस्से में दबिश दी, तो वहां डीजल चोरी का खेल चल रहा था। पुलिस ने मौके से कुल 950 लीटर डीजल बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 93 हजार 1 सौ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने कमरे और परिसर से निम्नलिखित सामान जब्त किया:
डीजल के ड्रम और जरिकेन:
200 लीटर क्षमता वाले 04 लोहे के ड्रम (सभी पूरी तरह भरे हुए – कुल 800 लीटर)
30 लीटर क्षमता वाले 03 प्लास्टिक जरिकेन (कुल 90 लीटर)
30 लीटर क्षमता का 01 जरिकेन (जिसमें 20 लीटर डीजल था)
20 लीटर क्षमता वाले 02 प्लास्टिक जरिकेन (कुल 40 लीटर)
वाहन: घटना स्थल पर खड़े दोनों बड़े तेल टैंकर और डीजल परिवहन में प्रयुक्त काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी।
चोरी के उपकरण: डीजल निकालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लोहे की चाडी, प्लास्टिक पाइप, डीजल-पेट्रोल नापने का टिन की चादर से बना जगनुमा पात्र, कंटेनर में लगने वाले 10 नग लोहे के कम्पाट और आरोपी रविकांत यादव के पास से मिली कटर मशीन।
आरोपियों का विवरण और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मौके से ढाबा संचालक और एक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद अपराध सिद्ध होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
रविकांत कुमार यादव (उम्र 30 वर्ष): पिता राम दयाल यादव, निवासी- आलमपुर, थाना अलीनगर, जिला चंदौली, उत्तर प्रदेश (ढाबा संचालक)।
सलीम रहमान खान (उम्र 34 वर्ष): निवासी- बागड़ी पर रोड, बदराताला, थाना नदियाल, जिला अयूब नगर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल (टैंकर क्रमांक NL 06-9129 का चालक)।
फरार आरोपी: टैंकर क्रमांक WB 78-5226 का चालक सलमान मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दावा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3), 316(5) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस बड़े अंतरराज्यीय डीजल चोरी रैकेट को पकड़ने में थाना प्रभारी प्रतापपुर नरेंद्र सिंह, एएसआई राजेश यादव, प्रधान आरक्षक रविशंकर चौबे, आरक्षक नौशाद और आरक्षक जयप्रकाश पन्ना की भूमिका अत्यंत सराहनीय और सक्रिय रही। स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।

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