
शमीम अंसारी कुसमी _ बलरामपुर जिले के कुसमी में सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की एक बेहद गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है। इंस्टाग्राम पर मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक, अश्लील और भड़काऊ वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने कुसमी थाना प्रभारी को एक कड़ा शिकायती आवेदन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर रासुका (NSA) जैसी कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कुसमी में तनाव: अपमानजनक भाषा और भड़काऊ वीडियो का आरोप
शिकायतकर्ता शादाब अंसारी और समाज के अन्य लोगों का आरोप है कि इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर मनीष कुमार, लक्की, प्रमोद सिंह और उनके साथियों द्वारा मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुँचाई गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि इन युवकों ने वीडियो में मुस्लिम समाज के लिए “मुल्ला” जैसे अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है।
समाज का कहना है कि यह केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि क्षेत्र की शांति और भाईचारे को भंग कर दंगा भड़काने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है। अश्लील गालियों और खुलेआम दी जा रही धमकियों से कुसमी के मुस्लिम समुदाय में गहरा रोष है।
चिन्हित इंस्टाग्राम आईडी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
आवेदन में उन पांच मुख्य इंस्टाग्राम हैंडल्स का विवरण दिया गया है, जिनके माध्यम से नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा की गई:
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गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज करने का दबाव
मुस्लिम समाज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A, 153B, 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस), 294, 504, 505, 506 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66E, 67, 67A के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
प्रशासन को अल्टीमेटम: “कार्रवाई नहीं हुई तो बिगड़ सकती है स्थिति”
कुसमी थाना में दिए गए आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुँच सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
समाज ने मांग की है कि:
आरोपियों की तुरंत पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।
साक्ष्य मिटाने से पहले उनके मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त किए जाएं।
डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर IT एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई हो।
फिलहाल, कुसमी पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर लिया है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

