सूरजपुर पुलिस की नाक के नीचे ‘महापलायन’ की तैयारी: ठग मेराज का सपरिवार फरार होने का प्लान!

Deshkibaat24
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सूरजपुर। न्याय की उम्मीद में बैठे ठगी के शिकार मासूमों के जख्मों पर अब नमक छिड़का जा रहा है। खबर है कि करोड़ों के गबन का मुख्य आरोपी मेराज अंसारी उर्फ लबलू, अपने पिता और भाई के साथ मिलकर शहर छोड़ने की फिराक में है। सूत्रों की मानें तो आरोपी परिवार अपनी जमीन-जायदाद और घर को आनन-फानन में औने-पौने दामों पर बेचकर ‘एग्जिट प्लान’ तैयार कर चुका है।

कोतवाली की ‘मेहरबानी’ या सिस्टम का फेलियर?

पीड़ितों का सीधा आरोप है कि जिस आरोपी को सलाखों के पीछे होना चाहिए था, वह आज सीना तानकर घूम रहा है और अपनी संपत्तियों को ठिकाने लगा रहा है। जब आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, तो उसकी संपत्तियों को अब तक कुर्क (Attach) क्यों नहीं किया गया?
क्या पुलिस मेराज को इतना समय दे रही है कि वह अपनी पूरी काली कमाई को सुरक्षित कर ले?
क्या कोतवाली पुलिस किसी ‘अदृश्य दबाव’ या ‘गुपचुप समझौते’ के तहत जांच की कछुआ चाल चल रही है?

SP साहब! आपकी नाक के नीचे बिक रही है ‘ठगी की जागीर’
सूरजपुर एसपी प्रशासन के लिए यह साख का सवाल है। आरोपी का परिवार अपनी संपत्तियां बेचकर फरार होने की फिराक में है। अगर मेराज और उसका कुनबा शहर छोड़ देता है, तो पीड़ितों के पास सिवाय पछतावे के कुछ नहीं बचेगा। जनता पूछ रही है— क्या सूरजपुर में अपराधियों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछाया गया है?
“हमने खून-पसीने की कमाई मेराज के चेहरे को देखकर दी थी, लेकिन आज पुलिस उसी चेहरे को बचाने के लिए नकाब बुन रही है।” — एक आक्रोशित पीड़ित

अब आर-पार की जंग: फरार हुए आरोपी तो कौन होगा जिम्मेदार?
जांच में हीलाहवाली, कमजोर धाराएं और अब आरोपी को अपनी संपत्ति ठिकाने लगाने की खुली छूट… यह सब इशारा कर रहे हैं कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर मेराज अंसारी और उसका परिवार जमीन बेचकर रफूचक्कर हो जाता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सूरजपुर कोतवाली और जिला प्रशासन की होगी।

जनता की अदालत में पुलिस से सीधे सवाल:
क्यों नहीं हुई अब तक मेराज की संपत्ति सील?
क्या पुलिस को आरोपी परिवार के घर-जमीन बेचने की भनक नहीं है?
अगर मुख्य आरोपी फरार हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी क्या कोतवाली प्रभारी और जिले के आला अधिकारी लेंगे?
निष्कर्ष: सूरजपुर पुलिस के पास अब भी वक्त है कि वह अपनी साख बचा ले, वरना ‘खाकी और अपराधी की जुगलबंदी’ का यह दाग धोना मुश्किल होगा। ठगी के शिकार लोग अब चुप नहीं बैठेंगे।

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