उदयपुर (सरगुजा) | 17 मार्च 2026
सरगुजा जिले के थाना उदयपुर क्षेत्र के ग्राम पोतका में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद सिंह के साथ-साथ शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाले उसके रिश्तेदार और साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने वाले माता-पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शादी समारोह में विवाद और हत्या
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 15 मार्च 2026 को हनुमानगढ़ निवासी शीतल कुमार अपने साथी टेकराम के साथ ग्राम पोतका में दिनेश कुमार के घर एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। इसी दौरान आरोपी प्रमोद सिंह और शीतल के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्साए प्रमोद सिंह ने डंडे और टांगी के पिछले हिस्से (पासा) से शीतल के सिर पर जोरदार वार किया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
शव को डबरी में फेंका, घर की गोबर से की लिपाई
हत्या को दुर्घटना का रूप देने और पकड़े जाने के डर से आरोपी प्रमोद ने अपने डेढ़साले राजेश कुमार की मदद ली। दोनों ने मिलकर शीतल के शव को पास ही स्थित एक डबरी (पानी का गड्ढा) में फेंक दिया।
हैरानी की बात यह है कि इस अपराध में प्रमोद के माता-पिता भी शामिल हो गए। आरोपी के पिता बहादुर और मां पवारों ने घर के फर्श पर फैले खून को साफ किया और उस स्थान की गोबर से लिपाई कर दी ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अगले दिन 16 मार्च को जब मृतक के भाई मनोज कुमार को सूचना मिली कि शीतल का शव डबरी में पड़ा है, तब उसने तत्काल थाना उदयपुर में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षक शिशिरकान्त सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और संदेह के आधार पर प्रमोद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में प्रमोद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी:
प्रमोद सिंह (20 वर्ष) – मुख्य आरोपी।
राजेश कुमार (20 वर्ष) – शव ठिकाने लगाने में सहयोगी।
बहादुर (42 वर्ष) – साक्ष्य मिटाने का आरोपी (पिता)।
पवारों (40 वर्ष) – साक्ष्य मिटाने की आरोपी (माता)।
बरामदगी और कानूनी धाराएं
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, टांगी, मोटरसाइकिल और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। घटनास्थल से एक जूट का बोरा, मोबाइल और गमछा भी जब्त किया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 103(1), 238(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
इस सफल कार्रवाई में प्रधान आरक्षक संजय नागेश, राजेश चतुर्वेदी, आरक्षक रविन्द्र साहू, सूरजबली और देवेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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