सूरजपुर | 17 मार्च 2026 बढ़ती गर्मी और लू के मौसम को देखते हुए सूरजपुर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में आग जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों को तैयार करना है।
प्रमुख केंद्रों पर व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो)
अभियान के तहत जिले के तीन प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञों द्वारा ‘मॉक ड्रिल’ और प्रदर्शन आयोजित किए गए:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रतापपुर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, करसी
एस.आर.पी.आर. हॉस्पिटल, सूरजपुर
सीखा आग बुझाने का सही तरीका
प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन विशेषज्ञों ने उपस्थित स्टाफ को आग लगने के विभिन्न प्रकारों और उन्हें बुझाने के लिए उपयोग होने वाले उपकरणों (Fire Extinguishers) के बारे में विस्तार से बताया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को स्वयं उपकरणों को चलाकर देखने का अभ्यास भी कराया गया। उन्हें बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय किस तरह धैर्य के साथ मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना है और आग पर नियंत्रण पाना है।
सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
प्रशासन का मानना है कि अस्पताल एक संवेदनशील स्थान होता है, जहाँ बड़ी संख्या में ऐसे मरीज होते हैं जो स्वयं चलने-फिरने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में गर्मी के कारण बढ़ने वाले शॉर्ट-सर्किट या अन्य कारणों से होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है।
इस पहल से न केवल अस्पताल की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वहां कार्यरत कर्मचारियों और भर्ती मरीजों के जीवन को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा।
मुख्य नोट: विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लगे अग्नि सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच (Refilling) की जानी चाहिए और आपातकालीन निकास द्वारों को हमेशा खुला रखना चाहिए।
सूरजपुर के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा का मॉक ड्रिल: गर्मी के मद्देनजर डॉक्टरों और स्टाफ को दी गई ट्रेनिंग
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