बलरामपुर | 29 जनवरी 2026 कुसमी विकासखंड के ग्राम नवाडीहकला में स्कूली शिक्षा के माहौल को बिगाड़ने और शिक्षकों को डराने-धमकाने वाले दो युवकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) कुसमी के आदेश पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील चांदो के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवाडीहकला के शासकीय प्राथमिक शाला बरवाडीह में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो युवक—विकास पैकरा (19 वर्ष) और संजय कोरवा (19 वर्ष)—नशे की हालत में स्कूल परिसर जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम डूमरखोरका निवासी ये दोनों युवक स्कूल के सामने शोर-शराबा कर रहे थे और वहां मौजूद शिक्षकों के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें मारपीट की धमकी दे रहे थे।
थाने में भी किया हंगामा
शिक्षकों की शिकायत पर चांदो पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों युवकों को हिरासत में लिया। हालांकि, थाने पहुंचने के बाद भी युवकों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। पूछताछ के दौरान वे पुलिसकर्मियों और शिकायतकर्ताओं के साथ ही उलझ गए और उग्र होकर वाद-विवाद करने लगे।
न्यायिक कार्यवाही और जेल
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी, श्री करूण डहरिया ने बताया कि:
“थाना परिसर में युवकों के बढ़ते आक्रोश और विवाद की स्थिति को देखते हुए उनके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत इस्तगासा तैयार किया गया। आरोपियों को न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के तहत जिला जेल रामानुजगंज निरुद्ध कर दिया गया है।”
प्रशासन की चेतावनी
इस कार्यवाही के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संस्थानों, विशेषकर स्कूलों में शांति भंग करने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की है।
स्कूल में हंगामा और शिक्षकों को धमकी देने वाले दो युवक पहुंचे जेल, SDM ने की सख्त कार्यवाही
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