सूरजपुर : इम्पैक्ट इंडिया Foundation की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस (जीवन रेखा एक्सप्रेस) का औपचारिक शुभारंभ सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर हुआ। इस ऐतिहासिक हॉस्पिटल ट्रेन का उद्घाटन सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज ने रिबन काटकर किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
यह आधुनिक चलते-फिरते अस्पताल की ट्रेन सूरजपुर जिले में चौथी बार पहुंची है। यहां 16 अगस्त से 05 सितम्बर 2026 तक 21 दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का संचालन किया जाएगा। शिविर के दौरान प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक ओपीडी संचालित होगी, जहां मरीजों की जांच, उपचार एवं शल्य चिकित्सा (सर्जरी) पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाएगी।
पहले ही दिन उमड़ी भीड़, 866 पंजीयन
शुभारंभ होते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शुगर, ब्लड प्रेशर से लेकर मोतियाबिंद और पुरानी बीमारियों के इलाज की आस में जिले के दूर-दराज वनांचल अंचलों से लोग पहुंचे। प्रथम दिवस अंतिम जानकारी मिलने तक कुल 866 मरीजों ने इलाज हेतु अपना पंजीयन कराया। वर्षों से आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में असमर्थ मरीजों के लिए यह शिविर एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।
विभागवार एवं तिथि अनुसार चिकित्सा अनुसूची
शिविर में विभिन्न बीमारियों के इलाज और ऑपरेशन के लिए निर्धारित समय सारणी तैयार की गई है:
बीमारी / उपचारओपीडी एवं जांच की अवधिशल्य चिकित्सा (सर्जरी) की अवधि
आंखों की जांच एवं मोतियाबिंद16 अगस्त से 21 अगस्त17 अगस्त से 22 अगस्त
स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग)16 अगस्त से 21 अगस्त—
कान की जांच एवं सर्जरी22 अगस्त से 27 अगस्त23 अगस्त से 28 अगस्त
अस्थि रोग (18 वर्ष से कम) व प्लास्टिक सर्जरी (कटे-फटे होंठ/जले के संकुचन)28 अगस्त से 31 अगस्त29 अगस्त से 01 सितम्बर
दांतों की जांच एवं उपचार01 सितम्बर से 05 सितम्बर—
अतिथियों और प्रशासन के मुख्य वक्तव्य
सांसद चिंतामणी महाराज: “यह ट्रेन केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि गरीबों के लिए जीवन रेखा है। सरगुजा अंचल के वनांचल क्षेत्रों में कई परिवार साधनों के अभाव में मोतियाबिंद, बहरेपन या हड्डी की विकृति के साथ जीने को मजबूर हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का उनके द्वार तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।”
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: “स्वस्थ शरीर ही सुखी परिवार और समृद्ध समाज का आधार है। यह ट्रेन उन परिवारों के लिए वरदान है जो बड़े शहरों में महंगी सर्जरी नहीं करा सकते। माताओं और बहनों को संकोच छोड़कर स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नि:शुल्क जांच जरूर करानी चाहिए।”
कलेक्टर रेना जमील: “प्रशासन का प्रयास है कि शिविर का लाभ जिले के अंतिम छोर तक निवासरत जरूरतमंद व्यक्ति को मिले। बारिश के मौसम को देखते हुए स्टेशन परिसर में जलभराव न होने देने, बैठने, आवागमन और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।”
मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. रोहिणी वी. चौगुले: “वर्ष 1991 से शुरू हुई लाइफलाइन एक्सप्रेस का उद्देश्य दूरस्थ अंचलों में निवारणीय विकलांगता को रोकना है। सूरजपुर में यह 256वां प्रोजेक्ट है और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी ही इसकी सफलता का आधार है।”
अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस ट्रेन
लाइफलाइन एक्सप्रेस विश्व की पहली आधुनिक हॉस्पिटल ट्रेन है, जिसकी शुरुआत 16 जुलाई 1991 को हुई थी। यह इम्पैक्ट इंडिया Foundation, भारतीय रेलवे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त पहल है।
ऑपरेशन थिएटर: ट्रेन के डिब्बों में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी ऑपरेशन थिएटर है, जिसमें 5 ऑपरेशन टेबल हैं और एक साथ 5 सर्जरी की जा सकती हैं।
उपकरण: सर्जिकल माइक्रोस्कोप, वेंटिलेशन सिस्टम, एनेस्थीसिया मशीन, ऑटोक्लेव और रिकवरी रूम की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बाबूलाल अग्रवाल, निर्मला यादव, रितेश जायसवाल, राजेश्वर तिवारी, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, एसडीएम शिवानी जायसवाल, सीनियर ऑपरेशन्स ऑफिसर डॉ. मनोहर रेड्डी और योगेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
आवश्यक दिशा-निर्देश व हेल्पलाइन
शिविर का लाभ लेने वाले मरीजों को अपने साथ आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।
भर्ती किए गए रोगियों के साथ केवल एक सहयोगी व्यक्ति को रुकने की अनुमति दी जाएगी।
शिविर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7039673973 पर संपर्क किया जा सकता है।