सीतापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चोरी और हत्या के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा स्थायी वारंटी पुस्तक दास गिरफ्तार, न्यायालय में किया गया पेश

Deshkibaat24
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अंबिकापुर/सीतापुर : सरगुजा जिले के अंतर्गत आने वाले थाना सीतापुर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलग-अलग गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट और स्थायी वारंट दोनों जारी किए गए थे, जिसके बाद से वह लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित स्थायी और गिरफ्तारी वारंटों की शत-प्रतिशत तामिली करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षों से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के इसी दिशा-निर्देश के परिपालन में सीतापुर पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों के जाल को सक्रिय कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
दो अलग-अलग गंभीर मामलों में था फरार
सीतापुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गहन छानबीन और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी पुस्तक दास उर्फ पुष्कर को घेराबंदी कर धर दबोचा। आरोपी की पहचान पुस्तक दास उर्फ पुष्कर (उम्र 21 वर्ष), पिता लब्बूदास, निवासी महेशपुर, थाना सीतापुर के रूप में की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उक्त आरोपी के विरुद्ध दो अत्यंत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज थे, जिनमें वह लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था।
पहला मामला (चोरी की वारदात): आरोपी के खिलाफ केस नंबर 1202/23 के तहत भारतीय दंड विधान (भा.द.वि.) की धारा 457 (रात में घर में जबरन घुसना), 380 (भवन या निवास में चोरी) और 34 (सामान्य आशय) के अंतर्गत मामला दर्ज था। इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने के कारण माननीय न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
दूसरा मामला (हत्या और जानलेवा हमला): यह मामला और भी अधिक गंभीर है। आरोपी पुस्तक दास के खिलाफ नवप्रवर्तित भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धाराओं के तहत केस नंबर 2393/25 दर्ज था। इस मामले में उसके विरुद्ध धारा 103 (हत्या), 332 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 357(2), 310(3) (डकैती या गंभीर अपराध से जुड़े प्रावधान) और 109 के तहत गंभीर अपराध दर्ज थे। इस मामले में भी लगातार फरार रहने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध ‘स्थायी वारंट’ जारी किया जा चुका था।
घेराबंदी कर दबोचा, न्यायालय के समक्ष किया प्रस्तुत
लंबे समय से फरार चल रहे इस वारंटी को पकड़ने के लिए सीतापुर पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार पुलिस टीम के कड़े और अथक प्रयासों के बाद आरोपी को उसके छिपने के स्थान से सफलतापूर्वक हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में जारी वारंटों की वैधानिक तामिली करते हुए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद आरोपी पुस्तक दास उर्फ पुष्कर को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार आगे की न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।
सीतापुर क्षेत्र के नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे आदतन और गंभीर अपराधियों के पकड़े जाने से क्षेत्र में शांति का माहौल बनेगा और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा।
कार्रवाई में शामिल सक्रिय पुलिस टीम
इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक अखिलेश सिंह की रणनीतिक भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व में टीम के अन्य सदस्यों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मुस्तैदी से कार्य किया। इस पूरी धरपकड़ और वारंट तामिली की कार्रवाई में आरक्षक देवनाथ भगत, अतुल शर्मा और धनकेश्वर यादव ने अत्यंत सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की हौसलाअफजाई की है।

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