
अंबिकापुर : सरगुजा जिले में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते ग्राफ पर लगाम लगाने के लिए सरगुजा पुलिस लगातार मुस्तैदी से काम कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर जिले में एक वृहद साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत क्रेडिट एक्सेस इंडिया फाउंडेशन की ‘कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व’ (CSR) गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इस विशेष कार्यशाला में संस्था से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले 250 से अधिक ग्राहकों और स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के तरीकों से अवगत कराना था।
अपराधियों के नए तरीकों (Modus Operandi) का हुआ भंडाफोड़
कार्यक्रम में पहुंचे साइबर सेल के विशेषज्ञों ने आम जनता को यह समझाया कि किस तरह डिजिटल युग में अपराधी लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि लॉटरी जीतने, बिजली बिल कटने, बैंक खाता ब्लॉक होने, और सस्ते लोन का लालच देकर साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
अधिकारियों ने सख्त लहजे में हिदायत दी कि कोई भी नागरिक अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, एटीएम पिन, या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (OTP) किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर अनजान लिंक पर क्लिक करने और अपनी व्यक्तिगत पहचान से जुड़े दस्तावेजों को असुरक्षित छोड़ने के खतरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
गोल्डन ऑवर का महत्व: हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत करें कॉल
साइबर सेल की टीम ने उपस्थित हितग्राहियों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो शुरुआती कुछ घंटे (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
पुलिस की अपील: ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर बिना वक्त गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। यदि पीड़ित समय रहते इस नंबर पर शिकायत दर्ज करा देता है, तो पुलिस और बैंक मिलकर ठगी गई रकम को अपराधी के खाते में फ्रीज (लॉक) कर देते हैं, जिससे पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रहे उपस्थित
इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन और संस्था के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान मंच पर और तकनीकी सत्रों में प्रमुख रूप से ये लोग उपस्थित रहे:
साइबर सेल टीम: साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा एवं साइबर विशेषज्ञ आरक्षक अनुज जायसवाल।
संस्था के अधिकारी: भारत भूषण शर्मा, डिवीजनल मैनेजर बलराम, टिकम प्रसाद साहू (P&M), एरिया मैनेजर शबलवीर वर्मा, एरिया मैनेजर कलेश पटेल, सीनियर ब्रांच मैनेजर ओम प्रकाश पटेल और ब्रांच मैनेजर राकेश कुमार।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और हितग्राहियों ने पुलिस टीम से अपनी शंकाओं और डिजिटल लेनदेन से जुड़े संशयों पर सवाल-जवाब भी किए, जिनका साइबर विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समाधान किया। पुलिस विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य दूरस्थ अंचलों में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे।

