पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने वाले आरोपी पति को आजीवन कारावास: न्यायालय ने लगाया 500 रुपये का जुर्माना

Deshkibaat24
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बलरामपुर : शंकरगढ़  में चरित्र शंका के चलते अपनी ही पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले एक कलयुगी पति को माननीय न्यायालय ने कानून का कड़ा पाठ पढ़ाया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2024 में घटित हुए इस संवेदनशील हत्याकांड के मामले में सत्र न्यायाधीश, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज हेमंत सराफ के न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय पारित करते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया है।
अवैध संबंध के शक में हुई थी कहासुनी
यह पूरा मामला 15 सितंबर 2024 का है, जब शंकरगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम रकैया में रामेश्वर राम की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना प्राप्त होते ही तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सोनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस स्टाफ के साथ तत्काल घटना स्थल का रुख किया। मौके पर पहुँचकर पुलिस ने प्रार्थी जंगू राम (पिता स्व. लोहरा राम, निवासी रकैया) की रिपोर्ट पर मर्ग इंटीमेशन चाक कर मामले की वैधानिक जांच शुरू की।
प्रार्थी जंगू राम द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर 2024 की रात करीब 12 बजे आरोपी रामेश्वर खुद उसके घर आया था। रामेश्वर ने बताया कि उसकी पत्नी रामपतिया उस पर अपनी मौसेरी बहन के साथ अवैध संबंध होने का शक करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी और विवाद हुआ। गुस्से में आकर पति रामेश्वर ने पास ही पड़े सरई के भारी डंडे से अपनी पत्नी रामपतिया पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और विवेचना
प्रार्थी की इसी रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर थाना शंकरगढ़ में अपराध क्रमांक 158/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए विवेचना अधिकारी जितेंद्र सोनी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में बेहद तत्परतापूर्वक और उत्कृष्ट स्तर की जांच सुनिश्चित की। विवेचना के दौरान प्रार्थी एवं गवाहों के विस्तृत कथन दर्ज किए गए।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त सरई का डंडा तथा घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े आदि साक्ष्य बरामद कर विधिवत जब्त किए। पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद 26 वर्षीय आरोपी रामेश्वर उर्फ ठिरूहू (पिता रोनहा, जाति पहाड़ी कोरवा, निवासी रकैया) को घटना के अगले ही दिन यानी 16 सितंबर 2024 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
एक महीने के भीतर पेश किया गया था आरोप पत्र
तत्कालीन थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी द्वारा कड़ी मेहनत और वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित कर मात्र एक महीने के भीतर 17 अक्टूबर 2024 को आरोप पत्र (चार्जशीट) माननीय जेएमएफसी न्यायालय राजपुर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया था। इसके बाद मामला सत्र न्यायालय में स्थानांतरित हुआ।
न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिससे आरोपी का अपराध पूरी तरह सिद्ध हो गया। अंततः सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए आरोपी रामेश्वर उर्फ ठिरूहू को उसकी पत्नी रामपतिया की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस की इस त्वरित और पुख्ता कानूनी कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

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