सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में सूरजपुर जिले ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विगत तीन वर्षों के प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर जारी की गई राज्य स्तरीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के शीर्ष पाँच पीएम श्री विद्यालयों में से अकेले सूरजपुर जिले के तीन विद्यालयों ने अपना स्थान सुरक्षित किया है। यह गौरवपूर्ण जानकारी रायपुर में आयोजित पीएम श्री विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान साझा की गई, जिससे पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है।
📍 रायपुर में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
पीएम श्री नोडल चंद्रपाल कुशवाहा के नेतृत्व में राजधानी रायपुर में एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में राज्य भर के पीएम श्री प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों तथा प्राचार्यों ने बड़े उत्साह और सक्रियता के साथ सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शैक्षणिक नवाचार, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और गंभीर विषयों पर गहन चिंतन और प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
🏆 शीर्ष पाँच में स्थान पाने वाले सूरजपुर के तीन उत्कृष्ट विद्यालय
मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सर्वश्रेष्ठ पाँच विद्यालयों की सूची में शामिल सूरजपुर के तीन प्रमुख विद्यालय निम्नलिखित हैं:
पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जयनगर
पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बतरा
पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, प्रेमनगर
यह अद्वितीय सफलता जिले की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्कृति, दूरदर्शी प्रशासनिक दिशा-निर्देशन और धरातल पर कार्यरत समर्पित शिक्षकों के सामूहिक और कड़े प्रयासों का सीधा परिणाम है।
👤 कलेक्टर रेना जमील की प्रतिक्रिया और भावी दृष्टिकोण
इस ऐतिहासिक गौरव पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि राज्य के शीर्ष पाँच पीएम श्री विद्यालयों में जिले के तीन विद्यालयों का स्थान बनाना समस्त शिक्षक साथियों, प्राचार्यों एवं ऊर्जावान विद्यार्थियों के सतत परिश्रम का प्रतिफल है। उन्होंने इस सफलता को पूरी टीम की सामूहिक एकजुटता का प्रमाण माना।
कलेटर रेना जमील ने आगे कहा:
“इस सफलता को हमें अंतिम लक्ष्य नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे निरंतर आगे बढ़ने की एक मजबूत प्रेरणा के रूप में लिया जाना चाहिए। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा की यह उच्च गुणवत्ता केवल कुछ चुनिंदा विद्यालयों तक ही सीमित न रहे, बल्कि जिले के सुदूर अंचलों में स्थित प्रत्येक विद्यालय और प्रत्येक अंतिम विद्यार्थी तक अनिवार्य रूप से पहुँचे।”
उन्होंने आगे जिले के सभी शिक्षकों और प्राचार्यों से आह्वान किया कि वे इसी निष्ठा, लगन और समर्पण के साथ कार्य करना जारी रखें, ताकि सूरजपुर को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक सर्वश्रेष्ठ आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा सके।
🏛️ शिक्षा विभाग की प्रतिबद्धता: जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा
जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने इस उपलब्धि को जिले के लिए एक बड़ा कीर्तिमान बताते हुए कहा कि पीएम श्री विद्यालय योजना का मूल उद्देश्य ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के अनुरूप विद्यालयों को अत्यधिक गुणवत्तापूर्ण, अनुकरणीय और भविष्योन्मुखी (फ्यूचरिस्टिक) शिक्षा का केंद्र बनाना है।
अजय कुमार मिश्रा ने आगे कहा कि राज्य स्तर पर शीर्ष सूची में आना यहाँ के शिक्षकों की कठोर मेहनत, संस्था प्रमुखों व प्राचार्यों के कुशल व प्रभावी नेतृत्व तथा छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के प्रति सच्ची लगन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। शिक्षा विभाग अब इस दिशा में और अधिक गति से प्रयास कर रहा है कि जिले के बचे हुए अन्य सभी स्कूलों में भी शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और बुनियादी अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, जिससे हर बच्चे को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने सभी सफल प्राचार्यों और शिक्षकों को विशेष रूप से बधाई दी।
🤝 सीखने की अनूठी संस्कृति और टीमवर्क: जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू
जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू ने इस शानदार परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक नेतृत्व के कारण आज सूरजपुर केवल अपनी परीक्षा परिणामों के आधार पर ही नहीं, बल्कि स्कूलों में विकसित हो चुकी ‘सीखने की अनूठी संस्कृति’, मजबूत टीमवर्क और नवाचारी सोच के कारण पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बना रहा है।
मनोज कुमार साहू ने रेखांकित किया कि यह अभूतपूर्व सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि प्रत्येक प्राचार्य, प्रधान पाठक, शिक्षक, विद्यार्थी, जागरूक अभिभावकों तथा संपूर्ण शिक्षा विभाग के संयुक्त समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि सूरजपुर जिला आने वाले वर्षों में भी अपनी इस गति को बरकरार रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।