अम्बिकापुर : जिला सरगुजा में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने, आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने तथा नगर की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापारी वर्ग की सीधी भागीदारी तय करने के उद्देश्य से आज पुलिस विभाग द्वारा एक विशेष और वृहद संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख पदाधिकारियों, शहर के प्रतिष्ठित ज्वेलर्स दुकान संचालकों और विभिन्न महत्वपूर्ण व्यापारिक संस्थानों के मालिकों ने हिस्सा लिया।
यह महत्वपूर्ण बैठक डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई थी। बैठक का जमीनी नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों और नगर पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर राजहंस (राहुल बंसल) (भा.पु.से.) ने संयुक्त रूप से किया। बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान सुरक्षा परिदृश्यों की समीक्षा की और व्यापारिक जगत को सुरक्षा के आधुनिक मापदंडों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिस पर सभी पक्षों ने सर्वसम्मति से अपनी प्रतिबद्धता जताई।
इन 6 मुख्य सुरक्षा मापदंडों पर बनी आम सहमति:
बैठक में मुख्य रूप से व्यापारिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छह प्रमुख तकनीकी और व्यावहारिक सुरक्षा मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की गई और इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने पर आम सहमति बनी:
हाई-फ्रीक्वेंसी सीसीटीवी और अधिकतम स्टोरेज: सभी प्रमुख दुकानों, शोरूम और व्यावसायिक संस्थानों के प्रवेश द्वार तथा सामने के हिस्सों में उच्च गुणवत्ता (हाई-फ्रीक्वेंसी) के सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कैमरों की टाइमिंग को पूरी तरह सटीक रखने और रिकॉर्डिंग बैकअप के लिए मेमोरी स्टोरेज की क्षमता को अधिक से अधिक समय तक सुरक्षित रखने पर सहमति बनी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस को स्पष्ट फुटेज मिल सके।
चौक-चौराहों पर आधुनिक सर्विलांस का संधारण: नगर के मुख्य चौक-चौराहों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए व्यापारियों के सहयोग से आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर मुहर लगी। इसके अतिरिक्त, शहर में पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों के नियमित रख-रखाव (संधारण) पर भी विशेष चर्चा हुई ताकि तकनीकी खराबी के कारण कोई भी महत्वपूर्ण पॉइंट सर्विलांस से बाहर न रहे।
चेहरा ढके संदिग्ध ग्राहकों पर पैनी नजर: प्रतिष्ठानों के भीतर प्रवेश करने वाले ऐसे ग्राहकों या आगंतुकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है जो अपना चेहरा कपड़े से ढके हुए हों, हेलमेट लगाए हों अथवा मास्क पहनकर बैठे हों। पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि वे ऐसे व्यक्तियों को शालीनता से चेहरा दिखाने का आग्रह करें और उनकी गतिविधियों पर सतर्क निगाह रखें।
बड़ी रकम और आभूषणों के परिवहन में सतर्कता: संस्थानों से भारी मात्रा में कैश (बड़ी रकम) या सोने-चांदी के आभूषणों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने और ले जाने के समय अत्यधिक सावधानी और गोपनीयता बरतने की हिदायत दी गई है। व्यापारियों को जागरूक किया गया कि वे परिवहन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन उनका पीछा तो नहीं कर रहा है।
आपातकालीन अलार्म और हॉटलाइन नंबरों की उपलब्धता: किसी भी आपात स्थिति या संकट के समय तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए सभी दुकानों और संस्थानों में निकटतम थाना, पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम का चालू मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि दिन या रात की पाली में तैनात सुरक्षा गार्डों के पास ये आपातकालीन नंबर हमेशा उपलब्ध रहें। साथ ही, संस्थानों में आधुनिक आपातकालीन अलार्म सिस्टम (पैनिक बटन) लगाने का प्रयास करने की बात कही गई।
कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन: सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले पुराने और नए कर्मचारियों का विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र सत्यापन) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बाहरी और संदिग्ध तत्वों को संस्थानों में पनाह मिलने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
बैठक में रही इनकी गरिमामयी उपस्थिति:
यह बैठक पूरी तरह से सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जहां उपस्थित व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के इन सुरक्षा उपायों की सराहना की। इस अवसर पर चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय स्वर्णकारों व व्यापारियों के साथ-साथ सायबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा एवं पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। व्यापारिक संघों ने नगर सुरक्षा के इस महाभियान में पुलिस का कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग करने की सार्वजनिक प्रतिबद्धता दोहराई।