अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) और अवैध सट्टेबाजी की काली कमाई को खपाने वाले ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के एक बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। गांधीनगर थाना पुलिस ने सीधे-साधे और परिचित लोगों को झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और फिर उन खातों को साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी अनुज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य सह-आरोपी सुमित सिंह को पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है। पकड़े गए आरोपियों के पास से संचालित खातों में मात्र कुछ ही दिनों के भीतर 1 करोड़ 80 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाया गया है।
🚨 घरेलू जरूरत का बहाना बनाकर बुना विश्वासघात का जाल
पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित वैभव सुर्यवंशी ने थाना गांधीनगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित वैभव सुर्यवंशी ने पुलिस को बताया कि नवापारा निवासी सुमित सिंह और अनुज सिंह ने उससे संपर्क किया था और बेहद शातिराना अंदाज में उसका भरोसा जीता। दोनों आरोपियों ने वैभव सुर्यवंशी को झांसा दिया कि उन्हें अपना घर बनवाने के लिए भारी राशि के लेन-देन की आवश्यकता है, जिसके लिए उन्हें कुछ नए बैंक खातों की जरूरत है।
परिचित होने के कारण वैभव सुर्यवंशी उनकी बातों में आ गया और उसने अपने नाम से आई.डी.बी.आई. (IDBI) बैंक में दो अलग-अलग बचत खाते खुलवा दिए। खाता खुलने के कुछ ही दिनों बाद, आरोपी अनुज सिंह और सुमित सिंह ने पीड़ित से बैंक पासबुक, चेकबुक और एक्टिवेटेड एटीएम (ATM) कार्ड यह कहकर मांग लिए कि उन्हें पैसों का ट्रांसफर शुरू करना है। सीधे-साधे पीड़ित ने बिना किसी संकोच के सारे गोपनीय दस्तावेज आरोपियों को सौंप दिए।
📉 बैंक की चेतावनी से खुला 1.80 करोड़ का राज
मामला तब गंभीर हुआ जब आई.डी.बी.आई. बैंक प्रबंधन के ऑटोमेटेड फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम ने इन खातों में अचानक हुए अत्यधिक और संदेहास्पद बड़े ट्रांजैक्शनों को ट्रैक किया। बैंक द्वारा जब खाताधारक वैभव सुर्यवंशी को सूचित किया गया कि उसके एक खाते से लगभग 80 लाख रुपये और दूसरे खाते से करीब 1 करोड़ रुपये (कुल 1 करोड़ 80 लाख रुपये) का भारी-भरकम लेन-देन हुआ है, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराए पीड़ित ने तुरंत बैंक शाखा पहुंचकर अपने दोनों खातों को बंद करवाया और गांधीनगर थाने में न्याय की गुहार लगाई।
⚖️ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 314/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [छल करना], 319 [प्रतिरूपण द्वारा छल], 317(4) और 3(5) [सामान्य आशय] के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना में लिया गया।
गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संदेही अनुज सिंह को हिरासत में लिया। पुलिस अभिरक्षा में कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी अनुज सिंह (उम्र 30 वर्ष, पिता: सर्वजीत सिंह, निवासी: चर्च के सामने, नवापारा, थाना गांधीनगर, अम्बिकापुर) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
उसने बताया कि वह और उसका साथी सुमित सिंह स्थानीय स्तर पर लोगों को टारगेट करते थे। उनके नाम पर खाते खुलवाकर, उन खातों को ऑनलाइन फ्रॉड और अवैध सट्टे (Betting) का पैसा मंगाने और निकालने के लिए बड़े साइबर अपराधियों को बेच दिया करते थे। आरोपी अनुज सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध पुलिस की जांच सरगर्मी से जारी है।
इस पूरे बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय और आरक्षक ऋषभ सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही।
📊 सरगुजा पुलिस का ‘Zero Tolerance’ अभियान: 10 दिनों में 20 जेल रवाना
सरगुजा पुलिस द्वारा जिले में म्यूल अकाउंट धारकों, फर्जी फर्मों और अवैध रूप से सिम कार्ड की खरीदी-बिक्री करने वाले तत्वों के खिलाफ एक व्यापक और निरंतर चलने वाला अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले महज 10 दिनों के भीतर सरगुजा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के 4 अलग-अलग प्रकरणों में ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए खाता धारक एवं बैंक खाता खरीदने-बेचने वाले कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।