October 11, 2026
IMG-20260518-WA0027.jpg

अंबिकापुर : सरगुजा जिले की गांधीनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर और निगरानी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी आपसी रंजिश के कारण एक युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

​क्या था पूरा मामला?

​घटना पिछले साल की है। डिगमा नेहरूनगर (थाना गांधीनगर) के रहने वाले 24 वर्षीय हर्षित चक्रवर्ती (पिता मृत्युंजय चक्रवर्ती) के साथ पुरानी दुश्मनी को लेकर कुछ युवकों ने मारपीट की थी। यह वारदात 10 जनवरी 2025 को मेडिकल कॉलेज चौक, बिसुनपुर के पास अंजाम दी गई थी, जिसमें हर्षित चक्रवर्ती को गंभीर चोटें आई थीं।

​पीड़ित की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले के चार आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में:

  • ​वितीत बोस
  • ​शिवम मिश्रा उर्फ देवेन्द्र
  • ​आयुस जायसवाल
  • ​आर्यन ढाली

​को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। लेकिन इस पूरी वारदात का मुख्य और शातिर आरोपी लल्ला यादव घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था।

​चौपाटी के पास घेराबंदी कर दबोचा

​आरोपी लल्ला यादव पुलिस के रिकॉर्ड में एक निगरानी बदमाश है, जिसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पूर्व में उस पर जिला बदर की सख्त कार्रवाई भी की गई थी। वारदात के बाद से वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

​18 मई 2026 को गांधीनगर पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी लल्ला यादव चौपाटी के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए चौपाटी के आसपास तगड़ी घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर जब आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने हर्षित चक्रवर्ती के साथ की गई मारपीट के जुर्म को कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध के पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

​इस टीम को मिली सफलता

​इस पूरे मामले में फरार आरोपी को दबोचने और पूरी कानूनी प्रक्रिया को अंजाम देने में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, अभिषेक दूबे और आरक्षक कुन्दन पाण्डेय की बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News