बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले में अवैध पशु तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के खिलाफ पुलिस का अभियान निरंतर जारी है। इसी कड़ी में चौकी विजयनगर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पशु तस्करी के मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम कासिम हुसैन है, जिसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ा गया।
क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 7 मार्च 2026 की रात को हुई थी। विजयनगर चौकी का पुलिस स्टाफ सरकारी वाहन से रात्रि गश्त पर था। इसी दौरान रात करीब 2:00 बजे मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कुछ तस्कर मवेशियों को अत्यंत क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए मेघुली के रास्ते कन्हर नदी पार कराकर झारखंड की सीमा में ले जाने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। हालांकि, रात के अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर तस्कर मौके से भाग निकले। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और वहां खेतों में सिंचाई कर रहे स्थानीय ग्रामीणों की गवाही रंग लाई। ग्रामीणों ने भाग रहे तस्करों में से अपने ही गांव के सहयोगियों को पहचान लिया और पूछताछ में उनके नाम उजागर कर दिए।
09 मवेशी किए गए थे बरामद
पुलिस ने मौके से 09 रास पशु (गाय और बैल) बरामद किए थे, जिन्हें तस्करों ने बुरी तरह बांध रखा था। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले झारखंड के मानपुर रंका निवासी सफीक (पिता: अजीम अंसारी) को उसके निवास से गिरफ्तार किया था। सफीक क्षेत्र में पशु व्यापारी के रूप में सक्रिय था।
साइबर सेल की मदद से हुई गिरफ्तारी
मामले का दूसरा आरोपी कासिम हुसैन (पिता: हकीम हुसैन), निवासी शारदापुर चलगली, घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विजयनगर पुलिस और जिला साइबर सेल की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (लोकेशन और कॉल डिटेल) और मुखबिरों के जाल की मदद से कासिम की लोकेशन ट्रैक की। आखिरकार 11 मई 2026 को पुलिस ने उसे दबोच लिया।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी कासिम हुसैन के विरुद्ध पुलिस ने कठोर कानूनी कदम उठाए हैं। आरोपियों पर निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला चलाया जा रहा है:
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004: धारा 4, 6, और 10।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960: धारा 11(घ)।