बलरामपुर-रामानुजगंज : बलरामपुर जिले की चलगली थाना पुलिस ने कोयला तस्करी के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर कोयले के अवैध परिवहन से जुड़ी है।
गश्त के दौरान लावारिस मिला था कोयले से लदा ट्रेलर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला 22 मार्च 2026 की रात का है। चलगली थाना स्टाफ जब क्षेत्र में रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग पर था, तभी ग्राम डोंगरो में सड़क किनारे एक ट्रेलर (वाहन क्रमांक CG 13 AL 4354) लावारिस हालत में खड़ा मिला। जांच करने पर ट्रेलर में भारी मात्रा में कोयला लोड पाया गया।
जब पुलिस ने वाहन और माल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, तो चालक द्वारा पेश किए गए कोयले के कागजात पूरी तरह से फर्जी और बोगस पाए गए। इसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 23/2026 के तहत धारा 318, 338, 336, 3 (5) भान्यास के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पूछताछ में हुआ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा
मामले की गहराई से जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध सीताराम (पिता प्रेमलाल, निवासी बसेराकला) से पूछताछ की। सीताराम ने खुलासा किया कि उसने ट्रांसपोर्टर आफताब आलम के माध्यम से लगभग 32 टन कोयला मंगवाया था, जिसे ग्राम डोंगरो पहुंचाना था। इस अवैध काम में चालक अक्षय कुमार और वाहन मालिक विनोद नायक की संलिप्तता भी सामने आई।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार:
पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद 12 मई 2026 को घेराबंदी कर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:
अक्षय कुमार: (पिता रामकुमार, निवासी ग्राम लांची, जिला सूरजपुर) – ट्रेलर चालक।
आफताब आलम: (पिता गुलाब बेग, निवासी बोझिया, जिला रायगढ़) – ट्रांसपोर्टर।
विनोद नायक: (पिता चैतन नायक, निवासी नवापारा, जिला रायगढ़) – वाहन मालिक।
न्यायालय ने भेजा जेल
चलगली पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। बुधवार को सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से अवैध कोयला परिवहन करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।