
सूरजपुर : जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शासन से आवास निर्माण के लिए पहली या अगली किस्त की राशि बैंक खातों में प्राप्त करने के बावजूद मकान का निर्माण कार्य शुरू न करने अथवा उसे बीच में ही अधूरा छोड़ने वाले हितग्राहियों के खिलाफ प्रशासन ने जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कलेक्टर रेना जमील के कड़े निर्देशों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सूरजपुर शिवानी जायसवाल द्वारा एसडीएम न्यायालय में ऐसे लापरवाह हितग्राहियों के मामलों की सीधे सुनवाई की गई।
पाँच ग्राम पंचायतों के 22 हितग्राही पहुंचे कोर्ट
इस विशेष सुनवाई के दौरान जनपद पंचायत सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 22 हितग्राही एसडीएम कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए। ये सभी वो लोग हैं जिन्हें आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए सरकारी फंड जारी किया जा चुका है, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी इन्होंने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया।
प्रशासनिक जांच के दायरे में आए हितग्राही मुख्य रूप से इन पांच ग्राम पंचायतों के निवासी हैं:
चंद्रपुर
नवगई
नेवरा
परी
पीढ़ा
सरकारी पैसे का दुरुपयोग पड़ेगा भारी: शिवानी जायसवाल
सुनवाई के दौरान एसडीएम शिवानी जायसवाल ने कोर्ट में उपस्थित सभी हितग्राहियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट शब्दों में सचेत किया। उन्होंने कहा:
“शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान देने के उद्देश्य से यह राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग केवल और केवल मकान निर्माण के लिए ही किया जाना अनिवार्य है। योजना के पैसे को किसी अन्य व्यक्तिगत कार्य या घरेलू खर्चों में डाइवर्ट करना सीधे तौर पर नियमों के विरुद्ध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अंतिम अवसर: अगली पेशी में फोटो के साथ आना होगा कोर्ट
एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी डिफॉल्टर हितग्राहियों को एक आखिरी मौका (अंतिम अवसर) दिया है। न्यायालय द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि:
सभी हितग्राही अगली पेशी (सुनवाई) की तारीख से पहले अपने अधूरे पड़े मकानों का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं।
अगली सुनवाई के दिन उन्हें अपने तैयार हो चुके आवास की अद्यतन (ताजा) फोटो साक्ष्य के रूप में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
लापरवाही पर होगी सीधे कानूनी कार्रवाई और वसूली
जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी पंजीकृत हितग्राहियों से अपील की है कि वे शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की मंशा को समझें और समय-सीमा के भीतर अपने पक्के मकानों का निर्माण पूरा कर योजना का पूरा लाभ उठाएं।
इसके साथ ही, प्रशासन ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जो हितग्राही अंतिम अवसर मिलने के बाद भी जानबूझकर काम में लापरवाही बरतेंगे या सरकारी राशि का दुरुपयोग करेंगे, उनके खिलाफ आरआरसी (राजस्व वसूली वारंट) जारी कर राशि वसूली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।