बलरामपुर : छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के निर्देशों के पालन में, आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में बलरामपुर के संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ और शिकायत प्रबंधन प्रणाली के प्रभावी संचालन हेतु एक दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
24×7 उपलब्ध रहेगा शिकायत निवारण का माध्यम
जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस सत्र में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को नई प्रणाली की बारीकियों से अवगत कराया गया। राज्य स्तर से आए प्रशिक्षण दल के प्रमुख आर.के. शर्मा ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन मुख्य रूप से एक सशक्त शिकायत निवारण तंत्र है। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक किसी भी विभाग से जुड़ी अपनी समस्या या शिकायत 24×7 (चौबीसों घंटे) दर्ज करा सकता है। इसके सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों की पालियों (शिफ्ट) में ड्यूटी लगाई गई है।
पांच स्तंभों पर टिकी है नई प्रणाली
प्रशिक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यह पूरी प्रणाली पांच मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
शिकायत ट्रैकिंग: हर शिकायत की वास्तविक स्थिति का पता लगाना।
समयबद्ध निवारण: तय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करना।
नागरिक फीडबैक: समाधान से जनता की संतुष्टि जानना।
पारदर्शिता एवं जवाबदेही: प्रक्रिया को खुला और उत्तरदायी बनाना।
कुशल निगरानी: उच्च स्तर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग।
प्रशिक्षण में बताया गया कि शिकायत दर्ज होते ही नागरिक को 12 अंकों का एक विशिष्ट टोकन क्रमांक मिलेगा। इस नंबर के जरिए शिकायतकर्ता घर बैठे जान सकेगा कि उसकी फाइल किस स्तर पर है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
स्तरवार समाधान और ऑटो-एस्केलेशन की सुविधा
प्रणाली को जवाबदेह बनाने के लिए इसे चार स्तरों— L-1, L-2, L-3 और L-4 में बांटा गया है। प्रत्येक स्तर के लिए अधिकारियों की पदनामवार मैपिंग की गई है। यदि कोई अधिकारी (लेवल-1) निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो वह शिकायत अपने आप (ऑटो-एस्केलेशन) अगले उच्च अधिकारी के पास चली जाएगी। इससे लापरवाही की गुंजाइश खत्म होगी और काम में तेजी आएगी।
डिजिटल माध्यमों का समन्वय
नागरिकों की सुविधा के लिए केवल फोन कॉल ही नहीं, बल्कि तकनीकी के अन्य माध्यम भी जोड़े गए हैं। अब लोग 1076 हेल्पलाइन नंबर के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए भी अपनी बात सरकार तक पहुँचा सकेंगे। पोर्टल पर लॉगिन करने, प्रोफाइल अपडेट करने, डैशबोर्ड देखने और समाधान प्रतिवेदन (रिपोर्ट) अपलोड करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी अधिकारियों को दिया गया।
छत्तीसगढ़ बनेगा देश का 15वां राज्य
वर्तमान में भारत के 14 राज्यों में इस तरह की एकीकृत हेल्पलाइन सफलतापूर्वक काम कर रही है। छत्तीसगढ़ अब इस सूची में 15वां राज्य बनने जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया गया ताकि जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, नोडल अधिकारी व अपर कलेक्टर प्रमोद गुप्ता, आर.एन. पांडेय, अभिषेक गुप्ता, चेतन बोरघरिया सहित विभिन्न विभागों के अनुविभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।