बलरामपुर : जिले में बहुमूल्य खनिज संपदा के अवैध दोहन और अवैध परिवहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गया है। कलेक्टर के सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग की टीम ने क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र से अवैध गिट्टी परिवहन करते हुए चार हाइवा वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया है।
संयुक्त टीम की घेराबंदी और कार्यवाही
खनिज विभाग को पिछले कुछ समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि क्षेत्र में खनिज नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से गिट्टी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक होने पर खनिज विभाग और राजस्व की संयुक्त टीम ने मिलकर त्वरित रणनीति बनाई। बलरामपुर और पस्ता के संवेदनशील मार्गों पर औचक जांच के दौरान जब गिट्टी से भरे वाहनों को रोककर पूछताछ की गई, तो चालक किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज या परिवहन अनुज्ञा (Permit) प्रस्तुत करने में विफल रहे।
जब्त वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज
जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों को विभागीय अभिरक्षा में ले लिया गया है और खनिज नियमों के प्रावधानों के अंतर्गत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। जब्त किए गए वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ भविष्य के लिए चेतावनी भी दी गई है।
नियमित निगरानी और सख्त संदेश
खनिज विभाग के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध उत्खनन पर पूर्ण विराम लगाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि:
जिले के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।
खनिज संपदा के संरक्षण के लिए संयुक्त मॉनिटरिंग तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।
भविष्य में भी इस प्रकार की औचक जांच और कार्यवाही जारी रहेगी।
“शासन के निर्देशानुसार जिले की खनिज संपदा को संरक्षित करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या ऑपरेटर को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
— खनिज विभाग, बलरामपुर