सूरजपुर : केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत सूरजपुर जिले में चल रहे तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 18 से 20 जून तक आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुंचाना था।
यह पूरा आयोजन जिला कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में जिले के सभी छह विकासखंडों—सूरजपुर, प्रतापपुर, भैयाथान, ओड़गी, रामानुजनगर एवं प्रेमनगर—की विभिन्न ग्राम पंचायतों में किया गया। शिविरों में न केवल नए हितग्राहियों का पंजीकरण किया गया, बल्कि पहले से लंबित दस्तावेजों की त्रुटियों में सुधार और समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया गया।
प्रमुख योजनाओं पर रहा ध्यान, मौके पर ही हुआ निपटारा
तीन दिनों तक चले इस विशेष अभियान में केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को एक ही छत के नीचे लाया गया था। शिविरों में मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं के तहत कार्य किए गए:
स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत और बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत नए कार्ड बनाए गए।
आवास और बिजली: प्रधानमंत्री आवास योजना के छूटे हुए हितग्राहियों का डेटा अपडेट किया गया और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए लोगों को पंजीकृत किया गया।
आजीविका और कौशल: छोटे व्यापारियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना और युवाओं के लिए पीएम कौशल विकास योजना के तहत आवेदन लिए गए।
बुनियादी सुविधाएं व सामाजिक सुरक्षा: जल जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा की गई और समाज के वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत नए फॉर्म भरे गए।
अंतिम दिन इन ग्राम पंचायतों में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
समापन दिवस यानी 20 जून को जिले के विभिन्न विकासखंडों में भारी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और आवेदनों के साथ शिविरों में पहुंचे।
सूरजपुर विकासखंड: कुम्दा, बृजनगर, कसकेला, द्वारिकानगर, जयनगर, लाची, देवीपुर, तिलसिवा, कल्याणपुर एवं गणेशपुर जैसी प्रमुख ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए गए।
रामानुजनगर विकासखंड: बरहोल, मदनेश्वरपुर एवं रामानुजनगर के स्थानीय पंचायत भवनों में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
प्रेमनगर विकासखंड: चेंद्रा, कुप्पी, नवाटोला, इंद्रपुर, बिहारपुर, आनंदपुर, करोटी (बी), उमेश्वरपुर, चंदन नगर, लोल्की, रेवती एवं खजुरी सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में सुचारू रूप से शिविर संपन्न हुए।
मजबूत प्रशासनिक तंत्र से मिली सफलता
इस बड़े स्तर के पंजीकरण अभियान को सफल और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया था। प्रत्येक राजस्व अनुभाग स्तर पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व यानी एसडीएम) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। वहीं, जमीनी स्तर पर समन्वय के लिए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने मौके पर ही आवेदनों की स्क्रूटनी की और तकनीकी दिक्कतों को दूर किया, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली। जिला प्रशासन के अनुसार, इन शिविरों के माध्यम से प्राप्त सभी वैध आवेदनों पर आगे की कागजी कार्रवाई को भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।