सूरजपुर : जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एक वृहद जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर रेना जमील के विशेष दिशा-निर्देशन पर यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम विकासखंड सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिरवरगंज में आयोजित हुआ, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
इस शिविर का मुख्य ध्येय बालिकाओं को सुरक्षा, समाज में उनके कानूनी अधिकार, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आधुनिक दौर में तेजी से पैर पसार रहे साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना था। समाज के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम को बेहद व्यावहारिक और सूचनात्मक रूप दिया गया।
साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर
आज के डिजिटल युग में छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। शिविर में विशेष रूप से साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों, जैसे कि ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाली ब्लैकमेलिंग और पहचान की चोरी (आइडेंटिटी थेफ्ट) के विषय में विस्तार से बताया गया। युवाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के नियम समझाते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार होता है, तो वह बिना किसी संकोच के तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर की गई शिकायत से वित्तीय और मानसिक नुकसान को टाला जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकार
शिविर के दौरान वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। इसके साथ ही, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न और मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा किया गया।
बच्चों की आपातकालीन सहायता के लिए समर्पित टोल-फ्री नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) के महत्व को समझाया गया। इसके साथ ही, दैनिक जीवन में सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात नियमों के पालन की भी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं एवं आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाएं
कार्यक्रम में उपस्थित जेंडर विशेषज्ञ पूनम रजवाड़े ने राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ‘नोनी सुरक्षा योजना’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’, ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ और महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली ‘महतारी वंदन योजना’ के पात्रता नियमों व लाभ की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया ताकि पात्र हितग्राही इसका भरपूर लाभ उठा सकें।
इसी कड़ी में दूसरी जेंडर विशेषज्ञ सलोमी कुजूर ने ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सहायता और परामर्श प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही, संकट के समय काम आने वाले महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और एकीकृत आपातकालीन सेवा नंबर 112 की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया।
त्वरित संदर्भ: महत्वपूर्ण आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
सेवा का नामहेल्पलाइन नंबरउपयोगिता
साइबर हेल्पलाइन1930ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध की रिपोर्ट हेतु
चाइल्ड हेल्पलाइन1098संकटग्रस्त बच्चों और बाल विवाह की रोकथाम के लिए
महिला हेल्पलाइन181महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और कानूनी सहायता हेतु
एकीकृत आपातकालीन सेवा112पुलिस, एम्बुलेंस या किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए
आत्मरक्षा और शारीरिक संबल का व्यावहारिक प्रशिक्षण
सिर्फ बौद्धिक चर्चा ही नहीं, बल्कि बालिकाओं के शारीरिक व मानसिक आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए शिविर में व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। ट्रेनर सारिका द्वारा विद्यालय की छात्राओं को कठिन परिस्थितियों से सुरक्षित बाहर निकलने और अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए आत्मरक्षा (Self-Defense) के बुनियादी गुर सिखाए गए। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इन कौशलों का अभ्यास किया।
इसके साथ ही, पोषण के महत्व को रेखांकित करते हुए आउटरीच वर्कर आरती द्वारा उपस्थित किशोरियों और बच्चों के बीच आवश्यक पोषण सामग्री का वितरण किया गया, ताकि उनमें कुपोषण की समस्या को दूर कर बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जा सके।
शिक्षकगण एवं विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस वृहद जागरूकता शिविर की सफलता में स्थानीय विद्यालय प्रशासन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिरवरगंज के प्राचार्य के.पी. कुजूर, व्याख्याता एस.एन. यादव, प्रदीप त्रिपाठी, सुषमा जायसवाल, सीमा राय सहित विद्यालय परिवार के अन्य शिक्षकगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी के समन्वित प्रयासों से इस जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक संचालन संपन्न हुआ।