
बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले की राजपुर थाना पुलिस ने पशु तस्करी और अवैध पशु परिवहन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशन में चलाई जा रही इस मुहिम के तहत, चर्चित पशु तस्करी मामले में फरार चल रहे दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन, एक ब्रेजा कार और क्रूरतापूर्वक ले जाई जा रही 12 नग भैंसों को जप्त किया है।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं ताजा गिरफ्तार आरोपी
राजपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने लगातार पीछा कर दो फरार आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभिमन्यु गिरी (उम्र 23 वर्ष, पिता: दिलीप गिरी) और निखिल गिरी (उम्र 26 वर्ष, पिता: जोगेन्द्र गिरी) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों को जेएनएफसी (JNFC) न्यायालय राजपुर में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें 03 जुलाई 2026 तक न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रामानुजगंज भेजने का आदेश दिया।
क्या था पूरा मामला?
पशु तस्करी के इस मामले का खुलासा 11 जून 2026 को हुआ था। राजपुर पुलिस को मुखबिर के जरिए यह पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ तस्कर एक पिकअप वाहन (क्रमांक UP-65 QT-1375) में भैंसों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भर रहे हैं और उन्हें वध के लिए उत्तर प्रदेश ले जाने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम गोपालपुर के पास तगड़ी घेराबंदी की और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोक लिया। जांच के दौरान वाहन के भीतर 12 नग भैंसें अत्यंत क्रूरतापूर्ण स्थिति में पाई गईं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से वाहन चालक अशोक गिरी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसके अन्य साथी अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे। इसके बाद, जांच के दौरान मिले तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने पूर्व में एक और फरार आरोपी सलमान उर्फ सहजाद आलम को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जप्त पशु गौशाला में सुरक्षित, सख्त धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक पिकअप गाड़ी, एक ब्रेजा कार और सभी 12 भैंसों को विधिवत जप्त किया। जप्त की गई भैंसों को सुरक्षित देखरेख के लिए ग्राम बासेंन में संचालित गौशाला में भिजवा दिया गया है।
राजपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 147/2026 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए निम्नलिखित सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की है:
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10
पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5)
मामले में शामिल पुलिस टीम
इस पूरी कार्रवाई और फरार आरोपियों की पतासाजी में राजपुर थाने के सहायक उप निरीक्षक (ASI) अशोक तिर्की, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रतीक नेताम, दयाराम वट्टी, आरक्षक रुपेश गुप्ता और सैनिक शैलेंद्र गुप्ता की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की आम जनता से अपील
बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे क्षेत्र में होने वाली किसी भी प्रकार की पशु तस्करी, अवैध पशु परिवहन या मवेशियों के प्रति होने वाली क्रूरता की सूचना तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, मामले के कुछ अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।