
विशेष संवाददाता, स्टेट हेड शमीम अंसारी
बलरामपुर: सीमावर्ती क्षेत्रों में पैर पसार रहे संगठित अपराध, नशे के कारोबार और अंतर्राज्यीय अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए छत्तीसगढ़ के बलरामपुर पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी पहल की है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के विशेष मार्गदर्शन में बुधवार को वाड्रफनगर स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक हाई-प्रोफाइल अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग (Interstate Border Meeting) संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा और एसडीओपी राम अवतार ध्रुव ने की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भौगोलिक सीमाओं से जुड़े तीन अन्य पड़ोसी राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस त्रिकोणीय सीमा क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिहाज से इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
इन गंभीर मुद्दों पर बनी संयुक्त रणनीति
घंटों चली इस मैराथन बैठक के दौरान चारों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने सीमाई अपराधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और एक साझा कार्ययोजना तैयार की। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर गहनता से चर्चा की गई और ठोस निर्णय लिए गए:
१. अवैध उत्खनन और मवेशी तस्करी पर कड़ा प्रहार: सीमावर्ती नदियों और क्षेत्रों से होने वाले अवैध रेत उत्खनन और उसके अवैध परिवहन को पूरी तरह से रोकने पर सहमति बनी। इसके साथ ही राज्यों की सीमाओं के रास्ते होने वाली मवेशी (गौ) तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला लिया गया।
२. नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड से छत्तीसगढ़ के भीतर या इसके उलट होने वाली मादक पदार्थों (गांजा, अवैध शराब और प्रतिबंधित नशीली दवाइयों) की तस्करी की रीढ़ तोड़ने के लिए संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई।
३. सख्त नाकेबंदी और नियमित चेकिंग: सभी अंतर्प्रांतीय सीमाओं पर स्थापित पुलिस चेक पोस्ट पर चौबीसों घंटे नियमित चेकिंग अभियान चलाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत नाकेबंदी करने का निर्णय लिया गया।
४. अपराधियों का डेटा शेयरिंग और वारंटियों की धरपकड़: लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों, स्थाई वारंटियों और ईनामी अपराधियों की सूची एक-दूसरे के साथ साझा की गई। बॉर्डर क्षेत्र के सक्रिय अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड (क्रिमिनल हिस्ट्री) भी आपस में साझा किया जाएगा ताकि वे एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में शरण न ले सकें।
५. साइबर क्राइम और विवेचना में समन्वय: बैठक में साइबर अपराध के नित नए और आधुनिक तौर-तरीकों पर चिंता व्यक्त की गई। अलग-अलग राज्यों में मामलों की विवेचना (जांच) के दौरान पुलिस टीमों को आने वाली व्यावहारिक और कानूनी दिक्कतों को आपसी समन्वय से सुलझाने पर सहमति बनी।
रियल-टाइम सूचना के लिए बना ‘व्हाट्सएप ग्रुप’
सीमा पर मुस्तैद सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए एक आधुनिक कदम उठाया गया है। बॉर्डर क्षेत्र में पदस्थ सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को जोड़कर एक विशेष ‘व्हाट्सएप ग्रुप’ बनाया गया है। इसके माध्यम से किसी भी संगीन अपराध, संदिग्धों की आवाजाही या अपराधियों के भागने की सूचना तुरंत (रियल-टाइम) चारों राज्यों की पुलिस को मिल जाएगी, जिससे त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
बैठक में इन अधिकारियों ने निभाई मुख्य भूमिका
चारों राज्यों की पुलिस की इस ऐतिहासिक बैठक में रणनीतिक चर्चा को अंजाम देने के लिए कई थानों के प्रमुख मौजूद रहे:
छत्तीसगढ़ (मेजबान): वाड्रफनगर अनुभाग से सनावल थाना प्रभारी निरीक्षक बृजलाल भारद्वाज, रघुनाथनगर थाना प्रभारी उप निरीक्षक रघुनाथ सिंह मरावी, वाड्रफनगर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक डाकेश्वर सिंह, बलंगी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बृजमोहन गुप्ता और कई प्रशिक्षु उप निरीक्षक शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश: दीगर राज्य उत्तर प्रदेश से बभनी थाना प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने प्रतिनिधित्व किया।
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से बिंदनगर (जिला सिंगरौली) सीएसपी उमेश प्रजापति, बैढ़न थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक सिंह परिहार और शासन थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप नामदेव उपस्थित रहे।
झारखंड: झारखंड राज्य से बंशीधर नगर एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह और धुरकी थाना प्रभारी उप निरीक्षक जनार्दन राऊत विशेष रूप से शामिल हुए।
बैठक के समापन पर सभी अधिकारियों ने एक सुर में प्रतिबद्धता दोहराई कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर शांति बनाए रखने और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए चारों राज्यों की पुलिस एक टीम की तरह काम करेगी।