
बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के रामानुजगंज में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित वित्तीय हेराफेरी का मामला अब पूरी तरह से गर्मा चुका है। इस कथित घोटाले को लेकर सोमवार को रामानुजगंज के बस स्टैंड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में सिर्फ छोटे स्तर के कर्मचारियों को मोहरा बनाकर कार्रवाई की जा रही है, जबकि पर्दे के पीछे खेल रहे मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
“छोटे प्यादों पर कार्रवाई, बड़े चेहरों को संरक्षण क्यों?”
प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चंदा और चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई महज एक औपचारिकता है। छोटे स्तर के लोगों पर गाज गिराकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
नेताओं ने तीखे लहजे में पूछा:
“आखिर इस पूरे मामले के मुख्य और रसूखदार आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? उन्हें किसका राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? जनता और श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं।”
श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ का आरोप
बस स्टैंड पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे। धरना स्थल पर “सत्य सामने लाओ, दोषियों पर कार्रवाई करो”, “जनता की श्रद्धा का सम्मान करो, चढ़ावे का पूरा हिसाब दो” और “चोरी का जवाब दो, जवाबदेही स्वीकार करो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता या पैसों के हेरफेर का नहीं है। यह देश और प्रदेश के उन करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी धार्मिक आस्था और विश्वास का विषय है, जो अपनी मेहनत की कमाई का अंश भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं। दान में मिले पैसे का इस तरह दुरुपयोग समाज के विश्वास पर गहरी चोट है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
सार्वजनिक हो हिसाब: मंदिर के चढ़ावे और चंदे का पूरा वित्तीय लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता का संशय दूर हो सके।
उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच: मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, जिसमें राजनीतिक प्रभाव का कोई हस्तक्षेप न हो।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी: प्रभाव और पहुंच की परवाह किए बिना, घोटाले के असली मास्टरमाइंड्स पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में केवल लीपापोती करने की कोशिश की और वास्तविक दोषियों को नहीं पकड़ा, तो यह आंदोलन यहीं शांत नहीं होगा। आने वाले दिनों में इस विरोध को ब्लॉक स्तर से उठाकर जिला और फिर राज्य स्तर तक बेहद उग्र रूप में विस्तारित किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल:
इस जनाक्रोश प्रदर्शन में क्षेत्र के कई प्रमुख कांग्रेसी नेताओं सहित भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल होने वालों में:
हरिहर यादव, मधु गुप्ता, मोहन सिंह, समीर सिंह देव, देवनारायण मरावी, मोनिश अब्दुल्ला, रामदेव जागते, अजय सोनी, अजय गुप्ता, अशोक जायसवाल, मोहम्मद बख्श, व्यास मुनि यादव, अशोक गोड़, सनोज दास, प्रतीक सिंह, प्रेम सागर सिंह, नरेश रवि, चंदेश्वर यादव, ज्ञानती गुप्ता, रूपवनती जायसवाल, सुधा जायसवाल, अजय यादव, कृष्ण सिंह, जय लाल यादव, रामजी बर्मन, अशोक वर्मन, अरुण अग्रवाल, सुनिल कंहरे, छोटू बंगाली, संजीत चौबे और राजेश गुप्ता के नाम उल्लेखनीय हैं।
इस आंदोलन के बाद क्षेत्र की राजनीति का पारा चढ़ गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर तीखी राजनीतिक जंग छिड़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।