
सूरजपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर के तत्वावधान में शासकीय कन्या हाई स्कूल नवापारा एवं पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत करना, यौन अपराधों से सुरक्षा के उपाय बताना और उन्हें करियर निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर के अध्यक्ष और प्रधान जिला न्यायाधीश थॉमस एक्का तथा प्राधिकरण की सचिव पायल टोपनो के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
पॉक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) हिमांशु पण्डा थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
हिमांशु पण्डा ने बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि शरीर पर होने वाले किसी भी असहज या अनुचित स्पर्श को छुपाना नहीं चाहिए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि यदि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो वे डरे या सहमे बिना तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी भी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। उन्होंने जोर देकर कहा:
“किसी भी गलत हरकत पर मौन रहना अपराधियों के हौसले को बढ़ाता है। विरोध करने और आवाज उठाने से ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।”
आत्मरक्षा के कानूनी अधिकार और करियर मार्गदर्शन
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को आत्मरक्षा (Self-Defense) से जुड़े कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। न्यायाधीश ने बताया कि कानून किस प्रकार अपनी सुरक्षा के लिए किए गए बचाव कार्यों को मान्यता देता है।
कानूनी ज्ञान के साथ-साथ छात्राओं को जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। हिमांशु पण्डा ने अपने बचपन के संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे निरंतर परिश्रम, समर्पण और सही दिशा में प्रयास करके किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं के करियर से जुड़े कई सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
मुफ्त कानूनी सहायता और हेल्पलाइन 15100 की जानकारी
ग्रामीण और स्कूली स्तर पर विधिक साक्षरता का प्रसार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को जानकारी दी गई कि समाज के कमजोर और पात्र वर्गों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुफ्त में कानूनी सहायता और वकील उपलब्ध कराए जाते हैं।
कार्यक्रम में सहयोग और उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानून, करियर और अधिकारों से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे, जिनका सरल उदाहरणों के साथ समाधान किया गया। इस सफल आयोजन में स्कूल की प्राचार्य किरण उपाध्याय, विद्यालय के समस्त शिक्षक वर्ग तथा पैरा लीगल वालंटियर्स सत्य नारायण एवं उमेश कुमार रजवाड़े ने सक्रिय योगदान दिया।