सूरजपुर, : जिले में “डिजिटल भारत – विकसित सूरजपुर” की महत्वाकांक्षी संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विशाल और व्यापक जनहितैषी अभियान की शुरुआत की जा रही है। जिला प्रशासन के सौजन्य से आगामी 16, 17 एवं 18 जुलाई 2026 को तीन दिवसीय वृहद सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस विशाल अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के प्रत्येक नागरिक तक बिना किसी बाधा के अत्यंत सुलभता से पहुंचाना है।
इस महत्वपूर्ण अभियान की तैयारियों और इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कलेक्टर रेना जमील ने जिलेवासियों से भावुक और हार्दिक अपील की है। उन्होंने कहा कि यह तीन दिवसीय विशेष अभियान शासन की योजनाओं का सीधे लाभ उठाने का एक सुनहरा और ऐतिहासिक अवसर है। कलेक्टर ने समस्त जिलेवासियों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी आवश्यकतानुसार शासकीय सेवाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपने कर्तव्य का निर्वहन करें।
केंद्रीकृत सेवाएं: जनपद पंचायत के मंगल भवन में उपलब्ध सुविधाएं
प्रशासन से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस अभियान को बेहद सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। तीन दिनों तक जनपद पंचायत के मंगल भवन में मुख्य आधार व डिजिटल शिविर सक्रिय रहेगा, जहां निम्नलिखित सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जाएंगी:
आधार कार्ड सेवाएं: नए आधार कार्ड बनाने के लिए त्वरित पंजीकरण, पुराने कार्डों में नाम, पता, मोबाइल नंबर सुधारने की सुविधा तथा बायोमेट्रिक अपडेट।
एग्रीस्टैक (किसान पंजीयन): कृषकों के लिए डिजिटल माध्यम से किसान पंजीयन, उनकी फसलों का सटीक विवरण और भूमि सत्यापन का कार्य, जिससे उन्हें कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
लेबर केवाईसी (श्रमिक कल्याण): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आवश्यक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूर्ण करने की सुगमता ताकि वे शासकीय सुरक्षा योजनाओं से जुड़ सकें।
अपार आईडी (APAAR ID): विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों को एक स्थान पर संजोने के लिए देशव्यापी “वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी” का मौके पर ही निर्माण।
स्वास्थ्य सुरक्षा सीधे द्वार पर: समस्त ग्राम पंचायतों में आयुष्मान शिविर
नागरिकों की भारी भीड़ और भौगोलिक दूरी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष रूप से आयुष्मान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इन शिविरों में न केवल सामान्य पात्र परिवारों के नए आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, बल्कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष “आयुष्मान वय वंदन कार्ड” भी बनाए जाएंगे। इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डोर-टू-डोर (घर-घर) सर्वेक्षण टीम का भी गठन किया गया है, ताकि एक भी पात्र व्यक्ति और विशेषकर वृद्धजन इस जीवनरक्षक योजना से वंचित न रह पाएं।
कलेक्टर की अपील और प्रशासनिक व्यवस्था
शिविर की तैयारियों को लेकर कलेक्टर रेना जमील ने कहा:
“हमारा ध्येय सूरजपुर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी ढंग से पहुंचाना है। वरिष्ठ नागरिकों, किसानों, श्रमिकों और विद्यार्थियों के लिए यह शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेरा अनुरोध है कि आप सभी इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने आस-पड़ोस के छूटे हुए लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।”
इस त्रि-दिवसीय महाभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों या केंद्रों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। शिविरों में त्रुटिहीन कार्य सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित ऑपरेटरों और नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और सुगम बनाया गया है ताकि ग्रामीण जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन को पूर्ण विश्वास है कि आम जनता की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान ‘विकसित सूरजपुर’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।